जनसंख्या को लेकर गिरिराज के बयान पर भड़के उलेमा, कहा- कोई नहीं छीन सकता...

जनसंख्या को लेकर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की बात पर भड़के उलेमा, दिया ये बयान

नई दिल्ली। बिहार की बेगुसराय लोकसभा सीट से सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह अपने बयानों को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। दरअसल गिरिराज सिंह ने विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर एक ऐसा बयान दिया, जिसपर विवाद खड़ा हो गया। गिरिराज सिंह ने एक कार्यक्रम में कहा कि देश में हिंदू और मुसलमान दोनों के लिए दो बच्चों का नियम लागू होना चाहिए और जो इस नियम को नहीं माने उसका वोटिंग का अधिकार खत्म कर देना चाहिए। इस बयान को लेकर मुस्लिम धर्मगुरुओं और उलेमाओं ने तीखी प्रतिक्रिया जताई है। वहीं, गिरिराज सिंह के इस बयान पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने भी पलटवार किया है।

'किसी एक धर्म को निशाना बनाना गलत'

'किसी एक धर्म को निशाना बनाना गलत'

जनसंख्या को लेकर दिए गए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा, 'जनसंख्या बढ़ने के लिए किसी एक धर्म को निशाना बनाना गलत है। हमें वोट देने का अधिकार भारत के संविधान ने दिया है, किसी राजनीतिक पार्टी या उसके नेता ने नहीं। देश के अंदर कोई भी शख्स किसी से वोट करने का अधिकार नहीं छीन सकता।' मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली के अलावा कुछ अन्य उलेमाओं ने भी गिरिराज सिंह के बयान पर आपत्ति जताई है।

गिरिराज ने क्या कहा था

गिरिराज ने क्या कहा था

आपको बता दें कि गिरिराज सिंह ने पहले गुरुवार को ट्वीट करते हुए कहा था, 'हिंदुस्तान में जनसंख्या विस्फोट अर्थव्यवस्था सामाजिक समरसता और संसाधन का संतुलन बिगाड़ रहा है। जनसंख्या नियंत्रण पर धार्मिक व्यवधान भी एक कारण है।, हिंदुस्तान 1947 की तर्ज पर सांस्कृतिक विभाजन की ओर बढ़ रहा है। सभी राजनीतिक दलों को साथ हो जनसंख्या नियंत्रण क़ानून के लिए आगे आना होगा।' इसके बाद एक अन्य कार्यक्रम में गिरिराज सिंह ने कहा कि बढ़ती हुई जनसंख्या देश के लिए बड़ी चेतावनी है। इससे संसाधनों और सामाजिक समरसता के लिए खतरा पैदा हो गया है, इसलिए हिंदू और मुसलमान दोनों के लिए दो बच्चों का नियम लागू होना चाहिए और जो इस नियम को नहीं माने उसका वोटिंग का अधिकार खत्म कर देना चाहिए।

आजम खान ने कसा तंज

आजम खान ने कसा तंज

गिरिराज सिंह के बयान को लेकर सपा सांसद आजम खान ने भी पलटवार किया है। आजम ने इस बयान पर तंज कसते हुए कहा, 'जिस परिवार में दो-तीन से ज्यादा बच्चे पैदा हों, उन पति-पत्नी को ही फांसी दे देनी चाहिए, क्योंकि इसके बाद ना रहेगा बांस और ना बजेगी बांसुरी।' आजम खान ने अपने बयान में कहा कि आज देश में लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार के शासन से कहीं बेहतर अंग्रेजों का शासन था। गौरतलब है कि जनसंख्या वृद्धि को लेकर बाबा रामदेव के बयान पर भी विवाद हो चुका है। रामदेव ने पिछले दिनों कहा था कि भारत सरकार को एक कानून लाना चाहिए, जिसके तहत दो से ज्यादा बच्चे होने पर वोट देने का अधिकार खत्म कर दिया जाए। रामदेव ने कहा था कि किसी भी परिवार के तीसरे बच्चे को वोट देने का अधिकार ना हो, ताकि जनसंख्या पर नियंत्रण किया जा सके।

ओवैसी बोले, ऐसे विचारों पर ध्यान क्यों दिया जाता है

ओवैसी बोले, ऐसे विचारों पर ध्यान क्यों दिया जाता है

इसके बाद बाबा रामदेव के जनसंख्या नियंत्रण वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, 'जनसंख्या नियंत्रण पर बाबा रामदेव के दिए गए बयान को सकारात्मक तौर पर देखा जाना चाहिए। देश के विकास के लिए जनसंख्या नियंत्रण कानून आवश्यक हैं।' वहीं, एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने रामदेव के बयान पर पलटवार करते हुए कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को केवल इसलिए अपना वोट का अधिकार नहीं खोना चाहिए क्योंकि वह अपने माता-पिता के तीसरे बच्चे हैं। लोगों को असंवैधानिक बातें कहने से रोकने के लिए कोई कानून नहीं है, लेकिन रामदेव के विचारों पर अनुचित ध्यान क्यों दिया जाता है? वह अपने पेट के साथ कुछ कर सकते हैं या अपने पैरों को घुमा सकते हैं इसका मतलब यह नहीं है कि नरेंद्र मोदी अपना वोट देने का अधिकार सिर्फ इसलिए खो दें, क्योंकि वह तीसरी संतान हैं।'

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