राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से शौर्य चक्र लेते हुए फफक-फफक कर रोने लगीं शहीद बिलाल अहमद माग्रे की मां
जम्मू-कश्मीर के एसपीओ बिलाल अहमद माग्रे को 2019 में बारामूला में एक आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान अदम्य साहस दिखाने के लिए मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया।
नई दिल्ली, 23 नवंबर। जम्मू-कश्मीर के एसपीओ बिलाल अहमद माग्रे को 2019 में बारामूला में एक आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान अदम्य साहस दिखाने के लिए मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शौर्य चक्र लेते हुए शहीद बिलाल अहमद माग्रे की मां सारा बेगम फफक-फफक कर रोने लगीं। इस दौरान उनकी मां ने अपने आंसुओं को रोकने का खूब प्रयास किया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
सोशल मीडिया पर उनका यह वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में सुनाई दे रहे वॉयसओवर में बताया जा रहा है कि कैसे उनके बेटे ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए घायल होने के बावजूद नागरिकों की रक्षा की और आतंकियों को उलझाए रखा। वीडियो में दिखाया गया है कि भावुक होती बिलाल की मां को सांत्वना देने के लिए एक महिला पुलिसकर्मी उनके पास आती है और उन्हें ढांढस बंधाती है। राष्ट्रपति कोविंद से पुरस्कार प्राप्त कर सारा बेगम वरिष्ठ नेताओं के पास जाती हैं जो उनके पीछे बैठे हुए होते हैं। वीडियो में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी उन्हें सांत्वना देते हुए दिखाई दे रहे हैं।
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अंतिम सांस तक आतंकियों से लड़े थे बिलाल
पुरस्कार के लिए प्रशस्ति पत्र में कहा गया है कि बारामूला में एक घर में आतंकियों की मौजूदगी के बारे में सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने एक अभियान शुरू किया था। इस अभियान में बिलाल अहमद माग्रे ने स्वेच्छा से भाग लिया। जब एसपीओ बिलाल वहां फंसे नागरिकों को निकाल रहे थे तो वहां छिपे हुए आतंकवादी ने उन पर और उनके साथियों पर कई हथगोले फेंके और गोलीबारी की, जिसमें वह, उनके साथी अमर दीप और एक नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, श्री माग्रे ने अदम्य साहस दिखाया और घायल नागरिकों और अन्य नागरिकों को बाहर निकाला। शरीर से अत्यधिक खून निकल जाने के बावजूद बेहोश होने तक वह आतंकियों का सामना करते रहे।












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