मार्गरेट अल्वा का दावा, भाजपा नेताओं को कॉल करने के बाद बंद हुआ फोन, बोलीं- चालू कर दीजिए अब नहीं करूंगी
नई दिल्ली, 26 जुलाई। विपक्ष की उपराष्ट्रपति उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा के फोन पर ना तो कोई कॉल आ रही है और ना ही कोई कॉल जा रही है। खुद मार्गरेट अल्वा ने ट्वीट करके इस बात की जानकारी दी है। एमटीएनएल पर तंज कसते हुए अल्वा ने ट्वीट करके लिखा, आज मैंने भाजपा के अपने कुछ दोस्तों से फोन पर बात की, इसके बाद मेरे सारे फोन कॉल को डायवर्ट कर दिया गया, मैं अब ना तो कॉल कर पा रही हूं और ना ही कोई कॉल आ रहा है। अगर आप मेरा फोन फिर से चालू कर दें तो मैं वादा करती हूं कि मैं किस भी भाजपा सांसद को फोन नहीं करूंगी, ना ही मैं टीएमसी और बीजेडी के सांसद को फोन करूंगी।
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मार्गरेट अल्वा ने ट्वीट करके एमटीएनएल के नोटिस को भेजा है, जिसमे केवाईसी की जानकारी मांगी गई है। अल्वा ने पूछा आखिर अब आपको मेरे केवाईसी की जरूरत क्यों पड़ी। गौर करने वाली बात है कि मार्गरेट अल्वा गोवा की राज्यपाल रह चुकी हैं। वह गुजरात की भी राज्यपाल रह चुकी हैं। इसके साथ ही राजस्थान और उत्तराखंड में भी वह बतौर राज्यपाल अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। अल्वा विपक्ष की उपराष्ट्रपति उम्मीदवार हैं, उनका मुकाबला एनडीए के जगदीप धनखड़ से है।
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मार्गरेट अल्वा की बात करें तो उनका जन्म मैंगलोर में हुआ था। उनके पिता आईएएस अधिकारी थे। लगातार चार बार मार्गरेट अल्वा राज्यसभा की सांसद रह चुकी हैं। लोकसभा में भी वह एक कार्यकाल के लिए रही हैं। अल्वा प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और नरसिम्हा राव सरकार में कई अहम पदों पर रहीं हैं। राज्यपाल की भूमिका में आने से पहले मारग्रेट अल्वा कैबिनेट मंत्री रह चुकी हैं। इसके अलावा वह महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों के लिए भी काम करती रही हैं। बता दें कि 6 अगस्त को उपराष्ट्रपति पद का चुनाव होना है।












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