मराठा आंदोलन में 'ब्राह्मण' क्यों बना मुद्दा? मनोज जारांगे ने देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ खोला मोर्चा
महाराष्ट्र में जारी मराठा आंदोलन की तरह इसमें 'ब्राह्मण' मुद्दे पर राजनीति भी गरम हो रही है। मराठा कोटा की मांग कर रहे आंदोलनकारी मनोज जारांगे ने इस मसले पर राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उधर इस मसले पर शिवसेना के सांसद हेमंत पाटिल ने आंदोलनकारियों में संसद सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।
मराठा आंदोलन में 'ब्राह्मण' बना मुद्दा
न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम फडणवीस ने एक न्यूज चैनल से कहा था कि वह ब्राह्मण होने की वजह से सॉफ्ट टारगेट बन रहे हैं और वह अपनी जाति बदलने के लिए कुछ नहीं कर सकते।

फडणवीस की इसी टिप्पणी पर जारांगे ने उनके खिलाफ मोर्चा खोला है। जारांगे ने कहा, 'अगर वे अपनी जाति नहीं बदल सकते, तो हम मराठा भी अपनी नहीं बदल सकते। वे गलतियां कर रहे हैं और इसलिए वे निशाना बनाए जा रहे हैं। फडणवीस को जाति के मुद्दे पर चर्चा से दूर रहना चाहिए।'
विधानसभा से कानून पास कराने के लिए काम करें फडणवीस-जारांगे
जारांगे मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर अपने गांव अंतरवाली सराति में 25 अक्टूबर से ही भूख हड़ताल कर रहे हैं। जारांगे ने कहा है कि उनके समुदाय ने 1 सितंबर को कोटा आंदोलनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के लिए उनके (फडणवीस) माफी मांगने के बाद उन्हें माफ कर दिया था।
जारांगे ने कहा है, 'फडणवीस को महाराष्ट्र विधानमंडल का एक विशेष सत्र बुलाकर, मराठों को कोटा देने के लिए एक कानून पारित करना चाहिए....इस तरह का कार्य करने पर समुदाय उन्हें बहुत सम्मान देगा......'
बीजेपी नेता अतुल सावे भी आंदोलनकारियों के निशाने पर
जारांगे के निशाने पर जालना के गार्डियन मंत्री और बीजेपी नेता अतुल सावे भी आए हैं। उन्होंने उनके 'मराठा-विरोधी रुख' के लिए उनकी आलोचना की है। जबकि, कोटा मसले पर समर्थन के लिए उन्होंने केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले और वंचित बहुजन अघाड़ी नेता प्रकाश अंबेडकर की सराहना की है।
शिवसेना सांसद हेमंत पाटिल ने लोकसभा सदस्यता से दिया इस्तीफा
उधर महाराष्ट्र में सत्ताधारी शिवसेना के सांसद हेमंत पाटिल ने रविवार को मराठा आरक्षण आंदोलन के समर्थन में संसद सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को भेजा है।
पाटिल महाराष्ट्र के हिंगोली लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। इससे पहले वे रविवार को पोफाली चीनी मिल इलाके में मराठा आंदोलनकारियों से मिले आरक्षण आंदोलन का समर्थन किया। इसी दौरान उन्होंने लोकसभा स्पीकर को संबोधित करते हुए चिट्ठी लिखी है।
उन्होंने ओम बिड़ला को लिखा है कि मराठा आरक्षण का मुद्दा वर्षों से लंबित है और यह समाज के लिए बहुत ही संवेदनशील मसला बन चुका है। उन्होंने लिखा है कि इसी मुद्दे को लेकर वह इस्तीफा दे रहे हैं। उन्होंने लिखा है, 'मैं मराठा समाज और किसानों के लिए लड़ने वाला एक कार्यकर्ता हूं........ मैं आरक्षण के मुद्दे पर अपने पद से इस्तीफा दे रहा हूं......'












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