बड़े-बड़े देश यूक्रेन से अपने लोगों को नहीं निकाल पाए, लेकिन भारत ने ऐसा किया- पीयूष गोयल
नई दिल्ली, मार्च 09। यूक्रेन से भारतीयों को निकालने के लिए भारत सरकार ने ऑपरेशन गंगा चलाया है, जिसके तहत वहां फंसे हजारों भारतीय छात्रों और नागरिकों को पड़ोसी देशों के रास्ते वापस हिंदुस्तान लाया जा चुका है, लेकिन इस ऑपरेशन पर विपक्ष ने कई सवाल खड़े किए हैं, जिसका जवाब केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने दिया है। पीयूष गोयल ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि यह बहुत दुर्भाग्य की बात है कि कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल लोगों को गुमराह करने का काम कर रहे हैं।

विपक्ष लोगों को गुमराह कर रहा है- पीयूष गोयल
पीयूष गोयल ने कहा कि विपक्षी दलों को इस मुश्किल वक्त में यूक्रेन में फंसे लोगों के परिवारों से मिलना चाहिए और उनकी मदद करनी चाहिए, लेकिन इसकी बजाए विपक्ष लोगों को गुमराह करने का काम कर रहा है। पीयूष गोयल ने कहा कि यूक्रेन में फंसे भारतीयों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार चिंतित थे।
'बीजेपी कार्यकर्ताओं ने 18.5 हजार भारतीयों के परिवार से संपर्क किया'
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि यूक्रेन से अपने लोगों को निकालने के लिए कई देश विफल रहे हैं, जबकि भारत ने पड़ोसी देशों के रास्ते से अपने लोगों को वहां से सकुशल निकाला है, इतना ही नहीं लोग वहां से अपने पालतू जानवरों को भी अपने साथ लेकर आने में सफल हुए हैं। पीयूष गोयल ने कहा कि हमने नेपाल, पाकिस्तान और बांग्लादेश के भी नागरिकों को निकालने में मदद की है। हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने यूक्रेन में फंसे 18.5 हजार छात्रों के परिवारों से संपर्क किया। उन्होंने परिवार के सदस्यों से मुलाकात की और केंद्र सरकार को इसकी जानकारी दी।
युद्ध से पहले ही 4000 लोग भारत आ गए थे- पीयूष गोयल
पीयूष गोयल ने आगे कहा कि हमें यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि छात्रों का अंतिम जत्था यूक्रेन से बाहर निकल गया और जल्द ही सभी लोग पड़ोसी देशों में प्रवेश करेंगे और फिर सभी को भारत लाया जाएगा। पीयूष गोयल ने कहा कि यूक्रेन में जंग शुरू होने से पहले 4,000 लोग भारत आ चुके थे। हमारी एडवाइजरी को उस वक्त किसी भी छात्र ने गंभीरता से नहीं लिया और न ही उनके विश्वविद्यालयों ने उन्हें यूक्रेन छोड़ने की अनुमति दी।












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