सवर्णो को विदेशी बताने वाले मांझी को सीएम बनने का कोई हक नहीं: भाजपा
पटना| एक बार फिर से बिहार के सीएम जीतन राम मांझी अपने विवादित टिप्पणी को लेकर सुर्खियों में हैं। मांझी ने इस बार सवर्ण जाति को 'विदेशी' बता दिया है जिसके कारण बीजेपी उन पर दाना-पानी लेकर चढ़ गई है।
मालूम हो कि मांझी ने मंगलवार की शाम पश्चिम चंपारण के होटल वाल्मीकि विहार परिसर में आयोजित स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सवर्ण जाति के लोग विदेशी हैं। यहां के मूल निवासी आदिवासी, अनुसूचित जाति और गरीब लोग हैं।
मांझी ने सवर्णो को बताया 'विदेशी
जिसके बाद को बीजेपी ने उन पर जमकर हमला बोला। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मुख्यमंत्री के इस बयान को बिहार में जातीय तनाव फैलाने वाला और समाज को जाति के नाम पर बांटने वाला बताकर मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है।
उन्होंने लोगों से राजनीतिक चेतना जगाते हुए अपनी सरकार खुद बनाने का आह्वान भी किया। इधर, भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने मुख्यमंत्री के इस बयान को लेकर हमला बोल दिया है। मोदी ने बुधवार को कहा कि मांझी ऐसे बयान देकर बिहार में जातीय तनाव फैलाना चाहते हैं तथा समाज को जाति के नाम पर बांटना चाहते हैं। ऐसे इंसान को सीएम बनने का कोई हक नहीं।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री मांझी ने पिछले दिनों मधुबनी के दौरे के बाद महादलित परिवार के लोगों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि मधुबनी में एक मंदिर में उनके प्रवेश के बाद मंदिर को धोया गया। इसके बाद पूरे मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया। मोदी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री चर्चा में रहने के लिए ऐसे बयान देते रहते हैं।













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