Manipur Violence: 9 हजार से ज्यादा लोग बेघर, कछार जिले तो कुछ को सेना परिसर में मिला सहारा
Manipur Violence Update: मणिपुर की स्थिति के बाद मणिपुर के 1000 से अधिक लोग असम के कछार जिले में प्रवेश कर चुके हैं। उन्होंने जिले के विभिन्न हिस्सों में शरण ली है।

दूसरी तरफ, हिंसा प्रभावित क्षेत्रों से बचाए गए परिवारों को असम राइफल्स के परिसर में ठहराया गया है। उनके परिसर में लगभग 11,500 लोगों को आवास मिला है। यह जानकारी भारतीय सेना ने दी है। आपको बता दें कि मणिपुर के इंफाल, चुराचांदपुर, विष्णुपुर और कांगपोकपी जैसे इलाके हिंसा में जल रहे हैं।
शूट एट साइट के आदेश
मणिपुर की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है। सेना लगातार फ्लैग मार्च कर रही है। वहीं, कलेक्टर को भी जरूरत पड़ने पर शूट एट साइट का आदेश देने की इजाजत दे दी गई है। वहीं, सीएम एन बीरेन सिंह ने उपद्रवियों से सख्ती से निपटने के आदेश दे दिए हैं।
क्यों भड़की हिंसा?
दरअसल, मणिपुर की आबादी में 53 फीसदी हिस्से वाले गैर-आदिवासी मेइती समुदाय की मांग है कि उनके समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जे दिया जाए। जिसके खिलाफ नगा और कुकी आदिवासियों द्वारा 'आदिवासी एकजुटता मार्च' का आयोजन किया गया। तीन मई को हिंसा भड़क गई। जिसमें 9 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए। हिंसा के चलते चुराचांदपुर में 5,000, इंफाल घाटी में 2,000 और तेनुगोपाल जिले के सीमावर्ती शहर मोरेह में 2,000 लोगों को सेफ जगह शिफ्ट किया गया है।












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