Manipur Violence: कुकी समुदाय ने अपनी सुरक्षा के लिए मांगी सेना, जानिए सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
मणिपुर में जारी हिंसा के बीच कूकी समुदाय की याचिका पर त्वरित सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है। कूकी समुदायन ने भारतीय सेना से सुरक्षा दिए जाने की मांग की है.
मणिपुर में जिस तरह से पिछले महीने से हिंसा हो रही है उसके बाद कूकी समुदाय के लोगों ने सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर अविलंब सुनवाई से इनकार कर दिया है।
बता दें कि मणिपुर ट्राइबल फोरम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके कूकी ट्राइब के लिए भारतीय सेना द्वारा सुरक्षा मुहैया कराने को लेकर याचिका दायर की थी। साथ ही इस मामल में आपात सुनवाई की अपील की थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसपर अविलंब सुनवाई से इनकार कर दिया है।

केंद्र सरकार की ओर से कोर्ट में कहा गया है कि सुरक्षा एजेंसियां जमीन पर हैं और लगातार स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश कर रही हैं। गौर करने वाली बात है कि मणिपुर में पिछले महीने 3 मई को हिंसा भड़की थी, इस हिंसा में 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए हैं।
जस्टिस सूर्य कांत और एमएम सुंद्रेश की बेंच ने कहा कि कोर्ट को इस तरह के आदेश जारी करने की जरूरत नहीं है कि सेना को तैनात किया जाना चाहिए। यह पूरी तरह से कानून-व्यवस्था का मामला है।
मणिपुर ट्राइबल फोरम एनजीओ की ओर से कोर्ट में पेश हुए एडवोकेट कॉलिन गोन्सॉल्विस ने कहा हमने त्वरित सुनवाई के लिए याचिका दायर की यह बहुत ही अहम है। 17 मई से अबतक 70 आदिवासियों की जान जा चुकी है।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सुरक्षा से जुड़ी एजेसियां पहले से ही यहां काम कर रही हैं, वह अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश कर रही हैं। इस याचिका को पर अभी इंतजार करना चाहिए। दूसरी बार इस तरह की याचिका पेश की गई है, कोर्ट ने इसपर सुनवाई से इनकार किया है, अब कोर्ट इश मामले की सुनवाई गर्मियों की छुट्टियों में करेगी।
बेंच ने याचिकाकर्ता से पूछा कि आखिर किस आधार पर आपने मृतकों की गणना की है, यह गंभीर कानून व्यवस्था का मसला है। आप समस्या को बढ़ा सकते हैं इस तरह के आंकड़े देकर। आप जब यह कहते हैं कि वो कुछ नहीं कर रहे हैं तो आप और समस्या खड़ी करते हैं।












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