Manipur Violence: इंटरनेट सेवा 10 जून तक बंद, असम राइफल्स को वापस बुलाने की मांग
Manipur Violence: मणिपुर में हिंसा के बीच इंटरनेट सेवा को 10 जून तक के लिए बंद कर दिया गया है। साथ ही असम राइफल्स को वापस बुलाने की मांग हो रही है।

Manipur Violence: मणिपुर में जारी हिंसा के बीच सरकार ने इंटरनेट पर प्रतिबंध को शनिवार तक के लिए बढ़ा दिया है। 10 जून तक प्रदेश मेतं इंटरनेट की सेवा को बंद क दिया गया है। यह प्रतिबंध 3 मई को लगाया गया था। प्रदेश सरकार की ओर से सोमवार को आदेश जारी किया गया है जिसमे कहा गया है कि इंटरनेट सेवाएं पांच और दिन यानि 10 जून दोपहर 3 बजे तक प्रतिबंधित रहेगी।
मैतेयी और कुकी आदिवासी गुट के बीच चल रहा खूनी संघर्ष खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है, यही वजह है कि यहां पर हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। 3 मई को हुई हिंसा में 70 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।
असम राइफल्स और सेना के तकरीबन 10 ह जार जवानों को प्रदेश में शांति बहाली के लिए तैनात किया गया है। इस बीच मणिपुर भाजपा के उपाध्यक्ष चिदानंद सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर असम राइफल्स को वापस बुलाने की अपील की है।
चिदानंद ने 5 जून को पीएम को लिखे पत्र में कहा है कि प्रदेश में शांति बहाली के लिए केंद्रीय सुरक्षा बल के जवान लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन असम राइफल्स के लोग अपनी जिम्मेदारी का गंभीरता से वहन नहीं कर रहे हैं। उनकी कुछ दिन पहले की कार्रवाई से बिल्कुल साफ है कि वह अपनी जिम्मेदारी को लेकर गंभीर नहीं है।
चिदानंद ने कहा कि अच्छा होगा अगर न्यूट्रल सेंट्रल या स्टेट की एजेंसी को यहां तैनात किया जाए। इसके साथ ही चिदानंद ने अपील की है कि कूकी के लड़ाकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, उन्होंने सरकार के साथ सीजफायर का उल्लंघन किया है।
पिछले हफ्ते खुद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह प्रदेश के दौरे पर गए ते। उन्होंने मैतेई और कूकी दोनों ही समुदाय के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की थी।
अमित शाह ने लोगों से अपील की थी कि सड़क पर रास्तों को बहाल किया जाए, अवरोध को खत्म किया जाए। नेशनल हाईवे 2 पर रास्ता बंद होने की वजह से इंफाल-दीमापुर नेशनल हाईवे पर लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, इसकी वजह से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।












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