Manipur Unrest: पूर्व CM बोले- PM का मौन संदिग्ध, शाह से पूछे कठिन सवाल, शांति बहाली के लिए दिल्ली में सम्मेलन
Manipur Unrest और हिंसा की आंच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तक महसूस की जा रही है। सर्वदलीय बैठक में शामिल हुए मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री इबोबी ने कहा था कि उन्होंने केंद्र सरकार को सुझाव देने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें अनसुना किया गया।
हिंसा के कारण तनावपूर्ण हालात को देखते हुए मणिपुर में शांति बहाली के प्रयास जारी हैं। इसी कड़ी में दिल्ली में राष्ट्रीय सम्मेलन हुआ। इसमें राजनीतिक नेताओं ने मणिपुर हिंसा में लोगों की मौत पर शोक व्यक्त करने के लिए एक मिनट का मौन रखा।

राष्ट्रीय सम्मेलन में मणिपुर कांग्रेस के नेता और मणिपुर के पूर्व सीएम ओकराम इबोबी सिंह भी शामिल हुए। उन्होंने कहा, "दो महीने हो गए, मणिपुर हिंसा से 50 दिन से ज्यादा से जूझ रहा है।
उन्होंने सवाल किया कि आज तक इस देश के पीएम ने मणिपुर का जिक्र क्यों नहीं किया? एक शब्द भी नहीं, कहा। एक ट्वीट भी नहीं। ऐसा लगता है कि वह मणिपुर से नाराज हैं।
पूर्व सीएम इबोबी ने कहा, भले ही मणिपुर पूर्वोत्तर भारत का यह एक छोटा राज्य है, लेकिन हमें लगता है कि हम म्यांमार के साथ लगी भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमा की रक्षा कर रहे हैं...
प्रधानमंत्री के मौन पर गंभीर सवाल
अपने गृह राज्य की अशांति को लेकर आक्रामक दिख रहे पूर्व सीएम ने कहा, अगर प्रधानमंत्री को लगता है कि मणिपुर इस देश का हिस्सा है, तो उन्होंने ऐसा क्यों किया एक भी शब्द नहीं कहा? यह संदिग्ध है...
गृह मंत्री शाह से कठिन सवाल पूछे
बकौल इबोबी, मणिपुर की स्थिति पर आयोजित सर्वदलीय बैठक में गृह मंत्री अमित शाह से उन्होंने इस तरह के कई शर्मनाक सवाल पूछे। उन्होंने कहना शुरू कर दिया कि ज्यादा समय नहीं है और 20 से अधिक राजनीतिक दल हैं ...।"
राष्ट्रीय सम्मेलन में वाम दलों के नेता
बता दें कि मणिपुर में शांति बहाली को लेकर दिल्ली में राष्ट्रीय सम्मेलन में पूर्व सीएम ओकराम इबोबी सिंह के अलावा सीपीआई (एम) नेता सीताराम येचुरी, कांग्रेस नेता जयराम रमेश, सीपीआई नेता डी राजा जैसे नेताओं ने भी भाग लिया।












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