ममता बनर्जी ने मोदी सरकार पर लगाया गंभीर आरोप, बैंक, पोस्ट ऑफिस के जरिए जुटा रही है CAA, NRC, NPR का डेटा
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार एनआरसी और नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रही हैं। मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाली ममता बनर्जी ने एक बार फिर से एनआरसी पर सवाल किए हैं और आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार बिना राज्य सरकार के मंजूरी के बैंक और डाकघर के कर्मचारियों की मदद से सर्वे कर रही है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को सनसनीखेज आरोप लगाया। उन्होंने लोगों से बैंकों तथा डाकघरों के साथ अपनी जानकारी साझा न करने का आग्रह करते हुए दावा किया कि केंद्र सरकार नागरिकता (संशोधन) अधिनियम को लागू करने के लिए केंद्रीय संस्थाओं का दुरुपयोग कर रहा है। ममता ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के लिए बैंकों और डाकघरों के जरिए डेटा एकत्र किया जा रहा है।
पश्चिम बंगाल के बांकुरा में एक प्रशासनिक बैठक को संबोधित करते हुए ममता ने कहा कि इस तरह के सर्वे को फौरन रोका जाना चाहिए। वहीं लोगों को सलाह दी कि वो सर्वे के लिए आ रहे बैंक कर्मियों या फिर डाक विभाग के कर्मचारियों को कोई भी जानकारी न दें। ममता बनर्जी ने आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार की अनुमति के बिना इस तरह का सर्वेक्षण किया जा रहा है, जो गलत है।
उन्होंने बिना बीजेपी का नाम लिए कहा कि बैंक और डाकघर के कर्मचारी लोगों के घरों में जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिना राज्य सरकार की सहमति के बिना ऐसा नहीं कर सकते हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल के शीर्ष अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि हम इसकी अनुमति नहीं देंगे। गौरतलब है कि ममता बनर्जी सरकार ने विधानसभा में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ पहले ही प्रस्ताव पारित कर चुकी है। ममता बनर्जी ने साफ-साफ शब्दों में कहा है कि वो अपने जीते-जी पश्चिम बंगाल में एनआरसी लागू नहीं होने देंगी।












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