'रथ प्रभारी' को लेकर खड़गे ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, कहा- बीजेपी के प्रचारक बन गए हैं सरकारी अधिकारी
मोदी सरकार ने अपने कार्यों को जनता तक पहुंचाने के लिए एक विशेष योजना बनाई है। जिसके तहत केंद्र सरकार की 12 संबद्ध सेवाओं के अधिकारी एक अलग जिम्मेदारी संभालेंगे। इस पर अब कांग्रेस चीफ मल्लिकार्जुन खड़गे ने आपत्ति जताई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अधिकारियों को 'रथ प्रभारी' के रूप में तैनात किया जाएगा, जो विशेष रूप से सुसज्जित 'रथ' के साथ 'विकसित भारत संकल्प यात्रा' नामक एक विशेष अभियान के हिस्से के रूप में देश की 2.69 लाख ग्राम पंचायतों में घूमेंगे। इस पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है।

मामले में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को नरेंद्र मोदी सरकार को पत्र लिखा। जिसमें उन्होंने सिविल सेवकों और सैनिकों को सत्तारूढ़ बीजेपी के राजनीतिक कार्यकर्ता और मार्केटिंग एजेंट में बदलने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि पूरा प्रशासन आधिकारिक तौर पर "प्रचारक" बन गया है।
उन्होंने कहा कि सिविल सेवकों और सैनिकों दोनों ही मामलों में ये जरूरी है कि सरकारी मशीनरी को राजनीति से दूर रखा जाए, खासकर चुनाव से पहले के महीनों में। ऐसे समय में जब प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग और सीबीआई पहले से ही बीजेपी के चुनाव विभाग के रूप में काम कर रहे हैं। इस फैसलों ने पूरी सरकारी मशीनरी को ऐसे काम करने पर मजबूर कर दिया, जैसे कि वे सत्तारूढ़ बीजेपी के एजेंट हों।
उन्होंने पत्र में दोनों आदेशों को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए कहा, कि सभी एजेंसियां, संस्थान, विंग और विभाग अब आधिकारिक तौर पर 'प्रचारक' हैं।
वहीं दूसरी ओर बीजेपी चीफ जेपी नड्डा ने उन पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें ये देखकर हैरानी होती है कि कांग्रेस को योजनाओं की पूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर तक पहुंचने वाले लोक सेवकों से दिक्कत है। अगर यह शासन का मूल सिद्धांत नहीं है, तो क्या है? कांग्रेस की रुचि केवल गरीबों को गरीबी में रखने में है और इस वजह से वो विरोध कर रहे।












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