Waqf Bill: 'मुस्लिमों को तंग करने के लिए लाया गया विधेयक', वक्फ बिल पर राज्यसभा में गरमाई बहस, खड़गे ने घेरा
Waqf Bill: राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विधेयक अल्पसंख्यकों को परेशान करने के लिए लाया गया है। खड़गे ने गृह मंत्री अमित शाह से अपील की कि विधेयक को प्रतिष्ठा का मुद्दा न बनाया जाए और देश में सौहार्द बनाए रखने के लिए सरकार को संवैधानिक मूल्यों पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि 1995 के मूल अधिनियम में जो प्रावधान थे, उन्हें भी बदल दिया गया है और कुछ ऐसे प्रावधान जोड़े गए हैं, जो लोकतंत्र और अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ हैं। खड़गे ने कहा कि 1995 के एक्ट में जो है, उसे डाल दिए और जो नहीं डालना चाहिए, वो भी डाल दिए। इस बिल में कई खामियां हैं।

Waqf Bill: खड़गे का सरकार पर हमला
मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर अल्पसंख्यकों के लिए योजनाएं बंद करने और उनके लिए आवंटित बजट को भी खर्च न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "एक तरफ सरकार अल्पसंख्यक मंत्रालय का बजट लगातार घटा रही है। पहले यह 4000 करोड़ रुपये था, जिसे घटाकर 2800 करोड़ रुपये कर दिया गया। दूसरी ओर जो बजट आवंटित किया गया है, उसे भी पूरी तरह खर्च नहीं किया जाता। सरकार अल्पसंख्यकों को सुविधाएं देने के लिए तैयार ही नहीं है। उनकी पांच योजनाओं को बंद कर दिया गया है।"
खड़गे ने सदन में यह भी कहा कि वक्फ संशोधन बिल को लेकर सत्ता पक्ष बार-बार पसमांदा मुस्लिम और महिलाओं की बात कर रहा है, लेकिन वास्तव में इस बिल में कई खामियां हैं, जो अल्पसंख्यकों के अधिकारों को कमजोर कर सकती हैं।
"मुसलमानों को तंग करने की हर कोशिश गलत"-खड़गे
राज्यसभा में अपने संबोधन में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि इस बिल का असली मकसद वक्फ संपत्तियों पर नियंत्रण करना और उसे दूसरे हाथों में सौंपना है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, "वक्फ बोर्ड की संपत्तियों का लैंड बैंक बनाया जा रहा है, जिससे इन संपत्तियों को बिजनेसमैन या अन्य लोगों को दिया जा सके। सरकार मुफ्त में मिली चीजों को बफे सिस्टम की तरह बांटना चाहती है। पहले जो पहुंचेगा, उसे अच्छा खाना मिलेगा और जो आखिरी में जाएगा, उसे बचा-कुचा मिलेगा।"
उन्होंने इस मुद्दे पर सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब वक्फ बोर्ड में पूर्व सांसद और पूर्व जज के लिए मुस्लिम होने की अनिवार्यता को भी हटा दिया गया है। उन्होंने कहा, "पहले मुस्लिम सांसदों और जजों को वक्फ बोर्ड में शामिल किया जाता था, लेकिन अब इस अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है। अब मुसलमानों को हटाकर गैर-मुसलमानों को डाला जा रहा है। सरकार की यह नीति मुसलमानों को तंग करने की कोशिश है, जो देश के सौहार्द और संविधान के खिलाफ है।" खड़गे ने कहा कि सरकार वक्फ बोर्ड में नॉमिनेटेड सदस्यों की संख्या बढ़ाकर सत्ता अपने हाथ में लेना चाहती है। उन्होंने इसे अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला बताया।












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