शिवसेना की मांग- फडणवीस की जगह पंकजा मुंडे को बनाएं एक घंटे का सीएम, झट से पास हो जाएगी मराठा आरक्षण की फाइल

शिवसेना की मांग- फडणवीस की जगह पंकजा मुंडे को बनाएं एक घंटे का सीएम, झट से पास हो जाएगी मराठा आरक्षण की फाइल शॉर्ट हेडलाइन 'मुंडे को बनाएं 1 घंटे का CM, झट से मिलेगा आरक्षण'

मुंबई। 2019 लोकसभा चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान कर चुकी शिवसेना ने मराठा आंदोलन को लेकर बीजेपी पर तंज कसा है। शिवसेना ने बीजेपी को सुझाव दिया है कि महाराष्ट्र सरकार में मंत्री पंकजा मुंडे को देवेंद्र फडणवीस की जगह एक घंटे के लिए मुख्यमंत्री बना दिया जाए, जिससे कि मराठा आरक्षण की फाइल को मंजूरी दी जा सके।

Make Pankaja Munde CM for an hour Shiv Sena dig at Fadnavis on Maratha reservation

महाराष्ट्र की महिला एवं बाल कल्याण मंत्री पंकजा मुंडे ने गुरुवार को यह कहकर सियासी भूचाल ला दिया था कि अगर मराठा आरक्षण की फाइल उनके पास आई होती तो वह बिना झिझक उसे मंजूरी दे देतीं। पंकजा मुंडे की इस टिप्पणी के बाद शिवसेना ने चुटकी लेते हुए उन्‍हें एक घंटे के लिए सीएम बनाने का सुझाव दिया। पंकजा मुंडे महाराष्‍ट्र में बीजेपी के सबसे बड़े नेता के तौर पर पहचान रखने वाले दिवंगत केंद्रीय मंत्री गोपीनाथ मुंडे की बेटी हैं।

शिवसेना ने कहा कि अगर पंकजा मुंडे एक घंटे के लिए मुख्यमंत्री बनती हैं तो मराठा आरक्षण में कोई बाधा नहीं आएगी। वह पलक झपकते ही फाइल पर हस्ताक्षर कर देंगी और इसके बाद मराठा आरक्षण का मुद्दा शांत हो सकता है। शिवसेना पंकजा मुंडे के बयान के हवाले से देवेंद्र फडणवीस से पूछते हुए कहा, 'जैसा कि मुंडे दावा कर रही हैं, अगर वह ऐसा कर सकती हैं तो फडणवीस क्यों नहीं?' शिवसेना की यह टिप्पणी पार्टी के मुखपत्र 'सामना' और 'दोपहर का सामना' में प्रकाशित हुई है।

शिवसेना ने कहा कि मोदी अधिकतर दिल्ली से बाहर रहते हैं। देश और राज्यों की समस्याओं में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है, वह तो ज्‍यादातर विदेश में रहते हैं। ऐसे में फडणवीस भी सोच रहे होंगे कि अगर वह दिल्ली भी जाते हैं तो वहां किससे मदद मांगेंगे।

शिवसेना की ओर से किए गए इस राजनीतिक हमले के बीच शनिवार को मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मराठा आरक्षण के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाई। मीडिया से बातचीत के दौरान फडणवीस ने कहा कि मराठा आरक्षण पर सभी दलों स्‍टैंड एक है। उन्‍होंने कहा कि सरकार ने मराठा आरक्षण के लिए कानून बनाया था, जिस पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। आरक्षण केवल पिछड़ा आयोग की सिफारिशों के आधार पर ही दिया जा सकता है। दुर्भाग्‍य से पहले कमीशन के चेयरमैन का निधन हो गया। अब हमने नया चेयरमैन निुयक्‍त किया है, लेकिन इसमें समय लगेगा।

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