महुआ मोइत्रा को कौन कर रहा है टारगेट? एथिक्स कमेटी की मीटिंग रीशेड्यूल हुई तो कांग्रेस MP ने लगाए गंभीर आरोप
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर लगे कैश-फॉर-क्वेरी की जांच कर रही लोकसभा की एथिक्स कमेटी की गुरुवार को बैठक बुलाई गई है। माना जा रहा है कि इस बैठक में कमेटी अपनी एक ड्राफ्ट रिपोर्ट को मंजूर कर सकती है।
लेकिन, एथिक्स कमेटी के एक सदस्य और तेलंगाना के नालगोंडा से कांग्रेस सांसद एन उत्तम कुमार रेड्डी ने इसके अध्यक्ष विनोद कुमार सोनकर को चिट्ठी लिखकर इसकी गुरुवार को होने वाली बैठक को टालने की मांग की है।

एथिक्स कमेटी की बैठक पहले ही हो चुकी है रीशेड्यूल
इस बैठक में महुआ मोइत्रा के खिलाफ लगे आरोपों पर विचार हो सकता है और इसकी ड्राफ्ट रिपोर्ट को मंजूरी दी जा सकती है। लोकसभा सचिवालय की नोटिस के मुताबिक यह बैठक पहले 7 नवंबर के लिए निर्धारित थी, जिसे एक बार पहले ही रद्द करके 9 नवंबर के लिए रीशेड्यूल किया गया है।
नामांकन दाखिल करने के लिए तारीख बदलने की मांग
लेकिन, कांग्रेस एमपी उत्तम रेड्डी का कहना है कि गुरुवार यानि 9 नवंबर को उन्हें तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी के तौर पर नामांकन भरना है, इसलिए एथिक्स कमेटी की बैठक की तारीख बदली जाए।
उन्होंने सोनकर को लिखी चिट्ठी में कहा है, 'मुझे सूचना मिली थी कि महुआ मोइत्रा के मुद्दे पर रिपोर्ट पर विचार/ स्वीकार करने के लिए एथिक्स कमेटी की 7 नवंबर को बैठक होगी। फिर अचानक और बेवजह तारीख बदलकर 09 नवंबर कर दी जाती है।' उन्होंने आगे लिखा है, 'क्योंकि मैं 9 नवंबर को तेलंगाना विधानसभा चुनावों के लिए नामांक दाखिल कर रहा हैं, मैं आपसे आग्रह करता हूं कि बैठक को किसी अन्य तारीख तक के लिए स्थगित कर दिया जाए।'
सरकार के ऊंचे पद पर बैठा कोई व्यक्ति उन्हें टारगेट कर रहा है- कांग्रेस सांसद
इसके बाद उन्होंने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा कि ऐसा लगता कि उन्हें (महुआ को) टारगेट करने की कोशिश हो रही है, शायद इसकी वजह ये है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कट्टर आलोचक हैं और उनके उद्योगपति गौतम अडाणी के साथ कथित लिंक पर सवाल उठाया है।
उन्होंने बहुत ही गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 'सरकार में बहुत ही ऊंचे पद पर बैठा कोई व्यक्ति उन्हें टारगेट कर रहा है। मीटिंग 7 (नवंबर) को होनी थी और मैंने अपनी उपस्थिति की पुष्टि की थी। (लेकिन,) अंतिम समय में इसे 9 (नवंबर) को कर दिया गया।' '9 को मैं नामांकन भर रहा हूं, इसलिए अगली मीटिंग में नहीं उपस्थित हो पाऊंगा...'
पिछली बैठक से हंगामा करते हुए निकल गई थीं महुआ
लोकसभा की एथिक्स कमेटी में 15 सदस्य हैं। 7 बीजेपी, 3 कांग्रेस और 1-1 शिवसेना, बीएसपी, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी, सीपीएम एवं जेडीयू के हैं। पिछली बैठक में महुआ ने समिति के अध्यक्ष विजय सोनकर पर निजी और आपत्तिजनक प्रश्न पूछने के आरोप लगाते हुए हंगामें के साथ उसका बायकॉट कर दिया था।
ऐसी स्थिति में संभावना है कि कमेटी लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को भेजी जाने वाली अपनी रिपोर्ट में महुआ मोइत्रा के खिलाफ सिफारिशें कर सकती है। इसके साथ ही यह भी संभावना है कि विपक्षी सदस्य इसके साथ ही अपना असहमति नोट भी लगा सकते हैं।
कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि उसके सदस्य ए उत्तम कुमार रेड्डी और वी वैथिलिंगम रिपोर्ट से असहमति जताएंगे। वहीं बसपा सांसद कुंवर दानिश अली भी इसी तरह की असहमति जताएंगे, उसकी भी पुख्ता संभावना है। 2 नवंबर की बैठक में महुआ के साथ बायकॉट करने वालों में विपक्ष के पांचों उपस्थित सांसद भी शामिल थे।
महुआ मोइत्रा के खिलाफ भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की शिकायत पर जांच हो रही है। उनका आरोप है कि महुआ ने दुबई के बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी से संसद में अडाणी ग्रुप के खिलाफ सवाल पूछने के लिए रिश्वत और गिफ्ट लिए। हीरानंदानी ने भी समिति को हलफनामा देकर आरोपों की पुष्टि की है। (इनपुट-पीटीआई)












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