Mahua Moitra ने एथिक्स कमेटी में 'कहावती वस्त्रहरण' का लगाया आरोप, इनके खिलाफ लिखी स्पीकर ओम बिड़ला को चिट्ठी
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने गुरुवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को चिट्ठी लिखकर एथिक्स कमेटी के चेयरमैन विनोद सोनकर के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। वह कमेटी में जांच के लिए पहुंचीं थीं, लेकिन इसी तरह का आरोप लगाते हुए कुछ और विपक्षी सांसदों के साथ मीटिंग का बायकॉट करके बाहर आ गई थीं।
महुआ ने लगाया 'कहावती वस्त्रहरण' का आरोप
लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को लिखी चिट्ठी में उन्होंने सीधे एथिक्स कमेटी के चेयरमैन विनोद सोनकर पर समिति के सभी सदस्यों की मौजूदगी में 'कहावती वस्त्रहरण' (proverbial Vastraharan) का आरोप लगाया है।

उन्होंने पेशी के दौरान उनके साथ कथित रूप से 'अनैतिक, घिनौना, अपमानजनक और पूर्वाग्रहपूर्ण व्यवहार' किए जाने का भी आरोप लगाया है। इससे पहले लोकसभा की एथिक्स कमेटी की बैठक से विपक्षी सांसद महुआ मोइत्रा के साथ इसके चेयरमैन पर उनसे 'अशोभनीय निजी' सवाल पूछने का आरोप लगाते हुए और हंगामा करते हुए बाहर आ गए थे।
'अनैतिक आचरण से सबंधित सवालों से बचने के लिए आरोप'
हालांकि, इसके बारे में एथिक्स कमेटी के अध्यक्ष की ओर से कहा गया है कि ये आरोप आरोपी सांसद को उनके 'अनैतिक आचरण' को लेकर पूछे जाने वाले सवालों से बचाने के लिए लगाए गए हैं।
महुआ ने 'अश्लील' सवाल पूछने का लगाया है आरोप
मोइत्रा खुद पर लगे रिश्वत के आरोपों को गलत बता रही हैं और एथिक्स कमेटी के चेयरमैन की ओर से पूछे गए सवालों को 'अश्लील' बता रही हैं। जबकि, सोनकर ने अपने सवालों को लेकर कहा है कि वह बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी के हलफनामे से संबंधित थे, जिन्होंने महुआ को रिश्वत देने की बात कबूल की है। साथ ही साथ महुआ की ओर से उनके संसदीय लॉगइन का इस्तेमाल भी सवाल पूछने के लिए किया है।
चेयरमैन पर 'अनैतिक, घृणित और पूर्वाग्रहपूर्ण व्यवहार' का लगाया है आरोप
स्पीकर को लिखी चिट्ठी में मोइत्रा ने सोनकर पर यह भी आरोप लगाया है कि मामले से संबंधित सवाल पूछने की जगह, दुर्भावनापूर्ण और अपमानजनक तरीके से उनसे सवाल करके पहले से तय पूर्वाग्रह की भावना दिखाई।
उन्होंने लिखा है, 'मैं आज बहुत ही पीड़ा से आपको पत्र लिख रही हूं, ताकि आपको एथिक्स कमेटी की सुनवाई में चेयरमैन की ओर से मेरे साथ किए गए अनैतिक, घृणित और पूर्वाग्रहपूर्ण व्यवहार के बारे में जानकारी दे सकूं। मुझे कमेटी के सभी सदस्यों की मौजूदगी में उनके द्वारा 'वस्त्रहरण' वाली कहावत का सामना करना पड़ा है.....'
उन्होंने कहा है कि 'इस आचरण समिति का नाम बदलना चाहिए, क्योंकि न ही इसमें आचरण बचा है और न ही नैतिकता बची है।' उनका दावा है कि यही वजह है कि समिति में मौजूद 11 में से 5 सदस्य इसकी बैठक का बायकॉट करके निकल गए।
'महुआ और विपक्षी सांसदों ने जांच में सहयोग की जगह 'आपत्तिजनक शब्दों' का इस्तेमाल किया'
उधर एथिक्स कमेटी के चेयरमैन ने कहा है कि समिति को इस मामले की विस्तृत जांच की जिम्मेदारी दी गई है और इसमें सहयोग करने की जगह मोइत्रा विपक्षी सदस्यों के साथ नाराज हो गईं और उन्होंने 'आपत्तिजनक शब्दों' का इस्तेमाल किया और उनके खिलाफ अनैतिक दावे किए।
महुआ पर संसद में सवाल पूछने के बदले दुबई के एक कारोबारी दर्शन हीरानंदानी से रिश्वत और अन्य सुविधाएं लेने के आरोप लगे हैं। जानकारी के मुताबिक हीरानंदानी ने हलफनामा देकर आरोपों की पुष्टि की है। यह शिकायत बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की ओर से लोकसभा अध्यक्ष को की गई है, जिन्होंने एथिक्स कमेटी को जांच के लिए कहा है।












Click it and Unblock the Notifications