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लोकसभा चुनावों के बाद महायुति को लग सकता है बड़ा झटका! महाराष्ट्र में गठबंधन के नेता ही दे रहे संकेत

Maharashtra Lok Sabha Election: महाराष्ट्र में लोकसभा चुनावों के बाद सत्ताधारी महायुति गठबंधन को बड़ा झटका लग सकता है। इसकी वजह एनसीपी नेता छगन भुजबल हैं, जिनके बयानों से विपक्षी महा विकास अघाड़ी का ही काम आसान हो रहा है।

छगन भुजबल उपमुख्यमंत्री अजित पवार की अगुवाई वाली एनसीपी के सबसे वरिष्ठ नेता हैं। यह पार्टी अभी महाराष्ट्र में सत्ताधारी बीजेपी-शिवसेना के महायुति गठबंधन का हिस्सा है। भुजबल के बयानों से सत्ताधारी गठबंधन की ही फजीहत हो रही है और उनके बयानों से लगता है कि वह लोकसभा चुनावों के बाद कुछ नई राह ले सकते हैं।

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महाराष्ट्र में विपक्षी नेता के समर्थन में उतरे छगन भुजबल
गुरुवार को भुजबल ने एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के नेता जितेंद्र आव्हाड के समर्थन में अपने ही सहयोगी दलों के खिलाफ खड़े हो गए। जबकि, आव्हाड विरोधी खेमे के नेता हैं। मामला बाबा साहेब अंबेडकर के एक पोस्टर फाड़ने से जुड़ा हुआ है।

अंबेडकर की फोटो फाड़े जाने को लेकर हो रहा है विवाद
जानकारी के मुताबिक शरद पवार गुट के नेता आव्हाड स्कूलों की किताब में मनुस्मृति से एक छंद लिए जाने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कथित रूप 'गलती' से अंबेडकर की एक फोटो फाड़ दी।

आव्हाड का दावा है कि उनसे अंबेडकर का फोटो गलती से फट गया, लेकिन बीजेपी उनके खिलाफ प्रदेश भर में प्रदर्शन कर रही है और मांग कर रही है कि उन्हें गिरफ्तार किया जाए, क्योंकि उन्होंने जानबूझकर अंबेडकर की तस्वीर फाड़ी है।

शरद गुट के नेता के समर्थन में भाजपा-शिवसेना को ही दी नसीहत
लेकिन, भुजबल ने आव्हाड का बचाव करते हुए कहा, 'जितेंद्र आव्हाड अच्छे इरादे (मनुस्मृति जलाने) से गए थे। इसको फाड़ने की जगह गलती से उन्होंने अंबेडकर की एक फोटो फाड़ दी। वे फोटो के बारे में नहीं जानते थे और यहां तक की उन्होंने माफी भी मांग ली। इसलिए, आव्हाड की आलोचना करने की जगह लोगों को भावनाओं को देखना चाहिए। हालांकि, वे विपक्ष से हैं, लेकिन इसके लिए उनकी आलोचना करने की कोई जरूरत नहीं है।'

भुजबल ने अपनी ही सरकार को भी घेरा
यही नहीं, उन्होंने पाठ्यक्रम में मनुस्मृति के एक छंद को कथित तौर पर 'चालाकी से शामिल' करने के लिए अपनी ही सरकार को भी निशाने पर लिया। भुजबल ओबीसी नेता हैं और इससे पहले मराठा आरक्षण जैसे मुद्दे समेत कई मौकों पर अपनी सरकार की परेशानी का कारण बन चुके हैं।

इससे पहले होर्डिंग मामले में भी भुजबल कर चुके हैं उद्धव का बचाव
इसी महीने जब मुंबई में आए एक भयानक तूफान में होर्डिंग गिरने की वजह से 17 लोगों की मौत हो गई थी तो वे शिवसेना (यूबीटी) नेता उद्धव ठाकरे के समर्थन में कूद पड़े थे। घटना के बाद शिवसेना और बीजेपी ने होर्डिंग खड़ा करने वाले कॉन्ट्रैक्टर के साथ उद्धव की तस्वीर सर्कुलेट की थी।

तब भुजबल ने उनका बचाव करते हुए कहा था कि इस घटना को ठाकरे से जोड़ना गलत है, क्योंकि जिस बीएमसी के अधिकार क्षेत्र में वह होर्डिंग गिरा है, वह अब राज्य सरकार के नियंत्रण में है।

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