महाराष्ट्र की शिंदे सरकार ने एनसीपी और उद्धव ठाकरे गुट के 25 नेताओं की सुरक्षा घटाई
महाराष्ट्र शिंदे सरकार ने एनसीपी और उद्धव ठाकरे गुट के 25 नेताओं की सुरक्षा कम कर दी, अजीत पवार और दिलीप वालसे पाटिल की सुरक्षा को 'जेड' श्रेणी से घटाकर 'वाई-प्लस' कर दिया गया है।
Maharashtra government: महाराष्ट्र में सत्ता परिवर्तन के महीनों बाद एकनाथ शिंदे सरकार ने विरोधी पार्टियों के नेताओं को लेकर बड़ा कदम उठाया है। महाराष्ट्र सरकार ने शुक्रवार को एनसीपी और शिवसेना के नेताओं की सिक्योरिटी को कम कर दिया है।

शुक्रवार को एकनाथ शिंदे सकरार ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी), कांग्रेस पार्टी और उद्धव ठाकरे गुट के 25 नेताओं की सुरक्षा कम की है। एनसीपी के जिन नेताओं की सिक्योरिटी घटाई गई है उसमें अजीत पवार और दिलीप वालसे पाटिल का नाम भी शामिल है। उनकी सुरक्षा को 'जेड' श्रेणी से घटाकर 'वाई-प्लस' कर दिया गया है।
महाराष्ट्र सरकार ने एनसीपी और उद्धव ठाकरे गुट के जिन नेताओं कीपुलिस सुरक्षा कम कर दी गई है उनमें अनिल देशमुख, छगन भुजबल, बालासाहेब थोराट, नितिन राउत, नाना पटोले, जयंत पाटिल, संजय राउत, विजय वडेट्टीवार, धनंजय मुंडे, नवाब मलिक, नरहरि झिरवाल, सुनील केदार, असलम शेख, अनिल परब और अन्य के नाम शामिल हैं।
याद रहे महाराष्ट्र की पूर्व महाअघाडी सरकार जिसमें शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस पाटी शामिल थी, उस सरकार को शिवसेना से बगावत कर एकनाथ शिंदे ने गिरा दिया था। एकनाथ शिंदे अपने साथ शिवसेना के बड़ी संख्या में विधायकों को लेकर भाजपा से हाथ मिलाकर महाराष्ट्र में सरकार बना ली थी
उसके बाद से ही महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के गुट और शिंदे गुट में लगातार ठनी हुई है। चुनाव आयोग के दखल के बाद दोनों ही गुट की शिवसेना पार्टी को नया नाम और चुनाव चिन्ह भी आवंटित हो चुका है।
बता दें शिंदे ने महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार उद्धव ठाकरे गुट के नेताओं को लेकर इतना बड़ा फैसला सुनाया है।












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