महाराष्ट्र में राज्यपाल ने की राष्ट्रपति शासन की सिफारिश
महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राज्य में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर दी है।
नई दिल्ली। महाराष्ट्र की राजनीति को लेकर एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राज्य में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर दी है। बताया जा रहा है कि केंद्रीय कैबिनेट ने भी महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश को मंजूरी दे दी है। राजभवन की तरफ से बयान जारी करते हुए कहा गया है कि महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी इस बात से संतुष्ट हैं कि संविधान के अनुसार अब महाराष्ट्र में सरकार का गठन नहीं किया जा सकता है। इसके बाद राज्यपाल ने आज संविधान के अनुच्छेद 356 (राष्ट्रपति शासन) के प्रावधानों के तहत एक रिपोर्ट भेज दी है।
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राज्यपाल के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची शिवसेना
वहीं, राष्ट्रपति शासन की सिफारिश के बाद शिवसेना ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए महाराष्ट्र के राज्यपाल के फैसले को चुनौती दी है। शिवसेना ने अपनी याचिका में कहा है कि राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने के लिए अपनी क्षमता साबित करने को दिया गया समय नहीं बढ़ाया। शिवसेना की तरफ से एडवोकेट सुनील फर्नांडीज ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन की खबरों को लेकर शिवसेना की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी सवाल उठाते हुए ट्वीट कर कहा, 'माननीय राज्यपाल सरकार बनाने के लिए एनसीपी को दिए गए समय के बीतने तक राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कैसे कर सकते हैं?'

हमारे पास 8:30 बजे तक का समय है- NCP
वहीं, एनसीपी के प्रवक्ता नवाब मलिक ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'आज हमारी पार्टी एनसीपी की बैठक हुई। बैठक में सभी 54 विधायक मौजदू थे। बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि राज्य में अनिश्चितता को देखते हुए हम शरद पवार को वैकल्पिक सरकार पर निर्णय लेने का अधिकार देंगे। इसके लिए एक समिति बनाई जाएगी, जिसका नेतृत्व शरद पवार करेंगे। राज्यपाल ने कल हमें सरकार बनाने की दावेदारी पेश करने के लिए बुलाया और आज रात 8:30 बजे तक का समय दिया है।'

'सरकार के लिए शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस साथ आएं'
नवाब मलिक ने कहा, 'कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, मल्लिकार्जुन खड़गे और केसी वेणुगोपाल मुंबई आ रहे हैं और वो लोग आज शाम 5 बजे शरद पवार से मुलाकात करेंगे। उनसे चर्चा के बाद निर्णय लिया जाएगा। हमारी पार्टी का मानना है कि तीन पक्षों (शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस) के एक साथ आए बिना महाराष्ट्र में वैकल्पिक सरकार बनाना संभव नहीं है। यदि ये तीनों दल एक साथ नहीं आते हैं, तो महाराष्ट्र में एक स्थिर सरकार नहीं बन सकती।'












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