Maharashtra: महायुति में शामिल हो सकते हैं कांग्रेस के कुछ विधायक! MVA में खेल होने की क्यों लग रही हैं अटकलें
Maharashtra Vidhan Sabha Chunav: महाराष्ट्र में हाल में हुए एमएलसी चुनाव में क्रॉस वोटिंग की वजह से विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) के साथ पहले ही खेल हो चुका है। अब कांग्रेस के कुछ विधायकों को लेकर अटकलें लग रही हैं कि वह पाला बदलने के जुगाड़ में लगे हुए हैं।
अशोक चव्हाण से कांग्रेस विधायक की मुलाकात से अटकलें तेज
दरअसल, सोमवार को देगलूर के कांग्रेस एमएलए जितेश अंतापुरकर ने भाजपा सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण से मुलाकात की है। इसके बाद इन अटकलों को और हवा मिल रही है कि पार्टी के जिन विधायकों ने एमएलसी चुनाव में कथित रूप से क्रॉस वोटिंग करके सत्ताधारी महायुति गठबंधन की मदद की है, वह पाला बदल सकते हैं।

पहले मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मिल चुके हैं कांग्रेस एमएलए
अशोक चव्हाण इसी साल कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए हैं। देगलूर नांदेड़ के पास है, जो कि अशोक चव्हाण का गढ़ माना जाता है। इससे पहले इसी तरह से इगतपुर सीट से कांग्रेस विधायक हीरामन खोसकर ने भी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की थी।
एमवीए के विधायक नाखुश हैं- शिवसेना नेता
इसको लेकर शिवसेना के मंत्री शंभुराज देसाई ने कहा कि अगर कांग्रेस को सही में पता चल गया है कि उसके सात विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी तो उसे कार्रवाई करने का साहस भी दिखाना चाहिए।
देसाई ने कहा, 'अगर आपको सही में पता चल चुका है कि सही में किसने वोट दिया है, आप निश्चित तौर पर कार्रवाई करने का साहस दिखाएं। उनकी पार्टी में या एमवीए में जो हो रहा है, वह उनके कंट्रोल में नहीं है। एमवीए के विधायक नाखुश हैं और वे खुलकर महायुति की मदद कर रहे हैं। यह साफ हो चुका है। इसीलिए वे पहले यह देखें कि उनके अपने घर के अंदर क्या हो रहा है।'
कांग्रेस कह रही है क्रॉस वोटिंग वाले विधायकों पर कार्रवाई की बात
इस मुद्दे पर महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले कह चुके हैं कि ऐसे विधायकों के खिलाफ पार्टी हाई कमान जल्द ही कार्रवाई करेगा। उनके मुताबिक, 'यह गुप्त मतदान था। इसलिए तकनीकी रूप से विधायकों की बात सही है। लेकिन, जो भी दोषी है, उसे बख्शा नहीं जाएगा। कार्रवाई की जाएगी। असल में कार्रवाई हो चुकी है। महासचिव (संगठन) ने कहा है कि कार्रवाई पहले ही हो चुकी है।'
टिकट के दावेदारों ने बदनाम किया- कांग्रेस विधायक
वैसे मुख्यमंत्री से मिलने के बाद कांग्रेस विधायक खोसकर ने दावा किया कि वह सरकारी काम के सिलसिले में सीएम शिंदे से मिले थे और उनके चुनाव क्षेत्र में कांग्रेस से टिकट चाहने वाले उन्हें बदनाम कर रहे हैं।
खोसकर के अनुसार,'मैं अपने क्षेत्र के काम को लेकर मुख्यमंत्री से मिला। वे एमएमआरडीए से जुड़े हैं, जहां सड़क चौड़ीकरण की वजह से कुछ दुकानें और रेस्टोरोंट प्रभावित हुए हैं। 300 से ज्यादा परिवार प्रभावित हुए हैं। हम उनके लिए राहत चाहते हैं और इसी सिलसिले में मैं सीएम शिंदे मिला।'
विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही पाला बदलने की अटकलें शुरू
लेकिन, कयास लगाए जा रहे हैं कि अगर कांग्रेस ने उनका टिकट काटने की कोशिश की तो वे शिवसेना या अजित पवार की एनसीपी किसी के साथ भी जा सकते हैं।
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनावों के लिए महायुति और महा विकास अघाड़ी दोनों ही गठबंधनों की गतिविधियां तेज हो चुकी हैं। सीटों के बंटवारे को लेकर चर्चा शुरू हो चुकी है। एनसीपी नेता और उपमुख्यमंत्री अजित पवार इस मुद्दे को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भी मिल चुके हैं।
ऐसे में टिकट के दावेदारों की ओर से भी अपने लिए सुरक्षित पार्टियों की तलाश जारी है और हो सकता है कि आने वाले दिनों में कई विधायक भी पाला बदलते नजर आ जाएं, जिसमें कांग्रेस विधायक पहले ही सुर्खियों में आ चुके हैं।












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