शिवराज से मिलकर मारे गए किसानों के परिजनों ने की उपवास तोड़ने की अपील, भावुक हुए सीएम
जब लगने लगा कि किसान आंदोलन की आग बुझने के बजाय धधकती ही जा रही है तो इस आग को शांत करने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गांधीगीरी का रास्ता अपनाया।
भोपाल। किसान आंदोलन की आग में झुलस रहे मध्य प्रदेश में शांति कायम करने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भोपाल के दशहरा मैदान में अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठ गए हैं। इस बीच मंदसौर गोलीकांड में मारे गए 4 किसानों के परिजपों ने सीएम शिवराज से मुलाकात की और रो-रोकर उनसे उपवास तोड़ने की अपील की। इस मुलाकात के दौरान शिवराज सिंह भावुक हो गए और उन्होंने कहा कि जब तक प्रदेश में शांति बहाली नहीं हो जाती, उपवास नहीं तोड़ूंगा।

सीएम से मुलाकात में पीडि़त परिवार ने अपील की कि दोषियों को सजा मिले। उन्होंने सीएम से कहा कि गोली चलाने वालों को सख्त सजा दी जाए। आपको बता दें कि सुलगते मध्य प्रदेश को शांत करने की जब सारी अपीलें, सारे ऐलान, सारी कवायदें खत्म हो गए, जब लगने लगा कि किसान आंदोलन की आग बुझने के बजाय धधकती ही जा रही है तो इस आग को शांत करने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गांधीगीरी का रास्ता अपनाया। शिवराज बेमियादी उपवास पर बैठ गए।

ये कहकर कि उनकी एक-एक सांस प्रदेश की जनता के लिए हैं। उपवास पर बैठते ही शिवराज सिंह ने किसानों की बात की। उन्होंने कहा कि उपवास पर बैठने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने कहा, 'मैं हमेशा दर्द में किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहा हूं। किसानों के बिना मध्य प्रदेश आगे नहीं बढ़ सकता। हमारी सरकार ने मालवा को रेगिस्तान बनने से बचाया है। सरकार ने तय किया है कि किसानों से मूंग दाल 5225 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदी जाएगी। इसके अलावा 23 जून से 4 हजार रुपए प्रति क्विंटल की दर से अरहर की खरीद की जाएगी। किसान की मर्जी के बिना किसान की जमीन नहीं ली जाएगी। किसानों की फसल की लागत तय करने के लिए आयोग का गठन किया जाएगा।












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