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चंद्रग्रहण 2017: भारी बारिश और बादलों ने बिगाड़ा आकाशीय खेल का जायका

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नई दिल्ली। रक्षाबंधन यानी कि पूर्ण‍िमा के दिन साल का दूसरा चंद्रग्रहण लगा। भारत के अलावा यह खंडग्रास चंद्र ग्रहण दक्षिणी और पूर्व एशिया के अधिकतर देशों जैसे सम्पूर्ण यूरोप, अफ्रीका और आस्ट्रेलिया में भी देखा गया। भारत में बहुत जगह बादल घिरे होने की वजह से ग्रहण लोग देख नहीं पाए लेकिन खगोल की ये घटना अपने निर्धारित वक्त पर संपन्न हुई है।

खत्म हुआ चंद्रग्रहण, अब आज जरूर कीजिए ये काम

 बारिश और बादलों के कारण काफी लोग नहीं देख पाए चंद्रग्रहण

जवाहर लाल नेहरू प्लेनोटरियम के डायरेक्टर ने कहा कि हमने टेलिस्कोप की मदद से ग्रहण की व्यवस्था की थी लेकिन खराब मौसम ने इस आकाश के इस मजेदार खेल का जायका बिगाड़ दिया। मालूम हो कि सोमवार को दिल्ली समेत आस-पास के इलाकों में पूरे दिन बादल छाए रहे और बारिश भी हुई थी।

अगले दो दिनों तक भारी बारिश का अनुमान

उत्तराखंड में तो मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक भारी बारिश का अनुमान जताया है, जिसके कारण आकाश में पूरे दिन बादल छाए रहे और इसी कारण उम्मीद के मुताबिक लोग आकाश का ये अनोखा नजारा देख नहीं पाए।

ग्रहण की कुल अवधि 1 घंटा 55 मिनट

गौरतलब है कि चंद्र ग्रहण सोमवार रात 10 बजकर 40 मिनट पर प्रारंभ हुआ था। ग्रहण का मध्य काल 11 बजकर 39 मिनट पर रहा और यह मध्यरात्रि में 12 बजकर 35 मिनट खत्‍म हो गया। इस प्रकार ग्रहण की कुल अवधि 1 घंटा 55 मिनट रही। इसे खंडग्रास चंद्रग्रहण भी कहते हैं।

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English summary
The Lunar eclipse 2017 was not visible to many owing to heavy rains and an overcast sky. Several parts of the national capital experienced heavy rains and cloudy sky as a result of which the eclipse was not visible.
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