LPG shortage: गैस सिलेंडरों को लेकर तमिलनाडु CM ने की इमरजेंसी मीटिंग, सिद्धारमैया ने मंत्री को लिखा पत्र
LPG cylinder shortage: पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी तनाव और संघर्ष के चलते तमिलनाडु में गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत पैदा हो गई है। इस संकट से राज्य के उद्योगों और रेस्टोरेंट क्षेत्र पर गहरा असर पड़ा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने चेन्नई स्थित सचिवालय में अधिकारियों के साथ एक आपातकालीन समीक्षा बैठक बुलाई।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने आपूर्ति श्रृंखला में आ रही बाधाओं का आकलन किया और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे औद्योगिक उत्पादन और खाद्य सेवाओं को सुचारू रखने के लिए वैकल्पिक समाधानों पर विचार करें। राज्य सरकार केंद्र के साथ मिलकर इस समस्या के समाधान के प्रयास कर रही है।

सिद्धारमैया ने केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र
वहीं कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर होटलों, रेस्तरां और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए कमर्शियल LPG की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने वर्तमान में हो रही आपूर्ति की किल्लत पर चिंता जताते हुए केंद्रीय मंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है।
उन्होंने पेट्रोलियम मंत्रालय से अनुरोध किया कि तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को तुरंत निर्देश दिए जाएं ताकि व्यावसायिक क्षेत्रों में ईंधन की कमी को दूर किया जा सके। यह कदम राज्य के व्यापारिक पारिस्थितिकी तंत्र को सुचारू बनाए रखने और आर्थिक गतिविधियों में आने वाली बाधाओं को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।
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केंद्र की विदेश नीति की विफलता- प्रियांक खरगे
वहीं कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने कमर्शियल LPG सिलेंडर की कमी को केंद्र की विदेश नीति की विफलता बताया है। उन्होंने हरदीप सिंह पुरी के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि पहले सरकार ने पर्याप्त स्टॉक का दावा किया था, लेकिन अब एस्मा (ESMA) लागू करना पड़ रहा है, जो गहरे संकट का संकेत है।
साथ ही, उन्होंने बेंगलुरु की आर्थिक प्रगति पर जोर देते हुए कहा कि जहां भारत की विकास दर 7.6% रही, वहीं बेंगलुरु 10.5% की दर से बढ़ा। उनके अनुसार, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार के अवसर और IT निर्यात में अग्रणी होने के कारण कर्नाटक देश के विकास का नेतृत्व कर रहा है।
घरेलू उपभोक्ताओं और अस्पतालों को मिलेगी प्राथमिकता: IOCL
वैश्विक ईंधन आपूर्ति में व्यवधानों को देखते हुए, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने एलपीजी (LPG) उत्पादन बढ़ाने और घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे आवश्यक गैर-घरेलू क्षेत्रों को प्राथमिकता देने के लिए कड़े कदम उठाए हैं।
अन्य गैर-घरेलू क्षेत्रों (जैसे कमर्शियल या इंडस्ट्रियल) से आने वाले अनुरोधों की समीक्षा अब तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के कार्यकारी निदेशकों की एक समिति द्वारा की जाएगी। आपूर्ति का निर्णय पूरी तरह से योग्यता, आवश्यकता और उत्पाद की उपलब्धता के आधार पर लिया जाएगा।












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