Rajasthan Assembly Elections 2018: 5वीं पास भी नहीं हैं कुछ प्रत्याशी, कुछ तो सिर्फ साइन करने आता है
जयपुर। राजस्थान विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों की शैक्षणिक स्थिति को लेकर कई चौकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। एक सर्वे में पता चला है कि राजस्थान में विधानसभा चुनाव लड़ रहे 10 उम्मीदवार ऐसे हैं जिन्हें सिर्फ हस्ताक्षर करना आता है। अब अगर इन प्रत्याशियों पर पंचायत चुनाव के नीयम कानून लागू कर दिए जाए तो ये अयोग्य घोषित हो जाएंगे। आपको बता दें कि राजस्थान में पंचायत चुनाव लड़ने के लिए कम से कम आठवीं पास होना जरूरी है यानी विधानसभा में भाजपा और कांग्रेस से चुनाव लड़ रहे 19 प्रत्याशी आठवीं तक भी नहीं पढ़े हैं। कई प्रत्याशी ऐसे भी सामने आए हैं जिन्होंने विधायक बनने के बाद अलग-अलग राज्यों से दूरस्थ और ओपन स्कूल के जरिये पढ़ाई को आगे बढ़ाया है।

दरअसल, प्रत्याशियों के नामांकन पत्रों को खंगालने पर पता चला कि भाजपा की टिकट पर मेड़ता से चुनाव लड़ रहे भंवराराम केवल 5वीं तक पढ़े लिखे हैं। ऐसी ही स्थिति कांग्रेस जिलाध्यक्ष और मकराना से कांग्रेस प्रत्याशी जाकिर हुसैन गैसावत की है। गैसावत भी 9वीं तक पढ़े हुए हैं। गैसावत 2008 से 2013 तक मकराना से विधायक रह भी चुके हैं। इनके अलावा प्रमुख प्रत्याशियों में केवल मकराना से भाजपा के रूपाराम मुरावतिया ही ऐसे हैं जो ग्रेजुएट नहीं है। उनकी शैक्षणिक योग्यता हायर सैकंडरी है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के 5 प्रत्याशियों में से केवल मेड़ता सिटी की इंदिरा देवी साक्षर है। शेष सभी बीए, बीकॉम और एलएलबी तक शिक्षित हैं।
7 के पास बीएड, 10 के पास एलएलबी की डिग्री
नावां से महेंद्र चौधरी, डीडवाना से चेतन डूडी और खींवसर से सवाईसिंह चौधरी समेत 3 कांग्रेस प्रत्याशी और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के खींवसर से प्रत्याशी हनुमान बेनीवाल समेत जिले में 10 प्रत्याशी एलएलबी डिग्री धारक हैं। जबकि 7 प्रत्याशियों के पास स्नातक और स्नोतकोत्तर के साथ बीएड की डिग्री हैं। अभिनव राजस्थान के एक प्रत्याशी सॉफ्टवेयर इंजीनियर भी हैं।












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