'अगर दम है..': सीतारमण और जयशंकर को राज्य में कहीं से चुनाव लड़ा कर देख ले, बीजेपी को पुराने साथी की चुनौती
Lok Sabha Election News: भारतीय जनता पार्टी का साथ छोड़ चुकी उसकी पुरानी सहयोगी अन्नाद्रमुक (AIADMK) ने अब उसके खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है।
पार्टी की ओर बीजेपी को चुनौती मिली है कि वह दो केंद्रीय मंत्रियों वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर को तमिलनाडु की किसी भी सीट से चुनाव में आजमा कर देख ले।

अन्नामलाई से मतभेदों की वजह अलग हुई एआईएडीएमके
तमिलनाडु बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई से मतभेदों की वजह से पूर्व सीएम जयललिता की पार्टी एआईएडीएमके बीजेपी की अगुवाई वाले एनडीए से निकल चुकी है।
जयशंकर, सीतारमण को किसी भी सीट से चुनाव लड़वा कर देखे- केपी मुनुसामी
हाल ही में दिवंगत जयललिता के जन्मदिन पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान एक जनसभा में पार्टी के बड़े नेता केपी मुनुसामी ने कहा, 'दो तमिल केंद्रीय मंत्री हैं....एक विदेश मामलों के मंत्री जयशंकर हैं और दूसरी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण हैं...दोनों को तमिलनाडु के किसी भी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़वाएं।'
अगर बीजेपी में साहस है, अगर उसमें दम है, अगर उसे विश्वास है'
उन्होंने कहा, 'अगर भारतीय जनता पार्टी में साहस है, अगर उसमें दम है, अगर उसे विश्वास है कि तमिलनाडु के लोग वोट देंगे, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मामलों के मंत्री जयशंकर को तमिलाडु के किसी भी निर्वाचन क्षेत्र से उतारे....तब आपको पता चलेगा....'
बता दें कि कुछ दिन पहले ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी संकेत दे चुके हैं कि बीजेपी विदेश मंत्री जयशंकर और वित्त मंत्री सीतारमण को कर्नाटक या किसी अन्य राज्य से चुनाव मैदान में उतार सकती है। हालांकि, उन्होंने किसी सीट का नाम नहीं लिया था।
प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन कांचीपुरम में थीं सीतारमण
तमिलनाडु के मदुरई में जन्मीं सीतारमण 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन कांचीपुरम के एक मंदिर में थीं, जिसके बाद अटकलें लगी थीं कि वह प्रदेश की किसी सीट से लोकसभा का उम्मीदवार हो सकती हैं।
आप जानते हैं कि आप खड़े होंगे तो जीत नहीं सकते-एआईएडीएमके नेता
इस समय जयशंकर गुजरात से और सीतारमण कर्नाटक से राज्यसभ की सांसद हैं। अन्नाद्रमुक ने भाजपा से यह भी सवाल किया है कि तमिलनाडु से आने वाले एक और मंत्री एल मुरुगन को राज्यसभा सांसद क्यों बनाया है।
उन्होंने कहा, 'आपको उन्हें (लोकसभा) चुनाव में खड़ा करना चाहिए था। आपने क्यों नहीं खड़ा किया? आप जानते हैं कि आप खड़े होंगे तो जीत नहीं सकते। फिर आप लोगों को धोखा क्यों दे रहे हैं?'
अन्नामलाई की पदयात्रा से उत्साहित है बीजेपी
बता दें कि तमिलनाडु बीजेपी के अध्यक्ष अन्नामलाई की हाल ही में जो पूरे राज्य की पदयात्रा समाप्त हुई है, उसके काफी चर्चे हो रहे हैं। उसके समापन कार्यक्रम में खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिस्सा लिया है।
बीजेपी को उम्मीद है कि अन्नामलाई की पदयात्रा तमिलनाडु की राजनीति में 6-7 दशकों के द्रविड़ पार्टियों के वर्चस्व को खत्म करने की बुनियाद बन सकती है। पार्टी को इसकी वजह से आने वाले चुनाव में वोट शेयर में भारी बढ़ोतरी की संभावना नजर आ रही है।
2014-2019 में तमिलनाडु में क्या हुआ?
2019 में राज्य में अन्नाद्रमुक एनडीए का हिस्सा थी, लेकिन वह सिर्फ एक ही जीत सकी थी। लेकिन, भाजपा का खाता भी नहीं खुला था। वहीं 2014 में बीजेपी को इसके साथ गठबंधन में 1 सीट मिली थी और एआईएडीएके 37 सीटें जीत गई थी।
भाजपा से अलग होने के बाद इस बार के चुनाव में अन्नाद्रमुक सेक्युलर वोट मिलने की उम्मीद लगाए बैठी है। वहीं पार्टी हर कीमत पर पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) से गठबंधन की कोशिशों में भी लगी हुई है।
इस पार्टी पर प्रभावशाली वन्नियार समुदाय का दबदबा है और एआईएडीएके को लगता है कि इससे पश्चिम तमिलनाडु में उसकी स्थिति बेहतर हो सकती है।












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