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अखिलेश-मायावती के महागठबंधन में फंसा RLD का पेंच, जयंत चौधरी ने मांगी इतनी सीटें

यूपी में अखिलेश यादव और मायावती के महागठबंधन में RLD नेता जयंत चौधरी ने एक नया पेंच फंसा दिया है।

नई दिल्ली। 2019 के लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2019) के लिए समाजवादी पार्टी (SP) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के बीच यूपी में महागठबंधन करीब-करीब तय हो गया है। माना जा रहा है कि 15 जनवरी को अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) और मायावती (Mayawati) लखनऊ में सीटों के बंटवारे का आधिकारिक ऐलान कर सकते हैं। 15 जनवरी को बसपा सुप्रीमो का जन्मदिन है और पार्टी इसकी तैयारी में जोर-शोर से जुटी हुई है। इस बीच महागठबंधन में एक पेंच फंसता हुआ नजर आ रहा है। दरअसल राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी (Jayant Chaudhary) ने मंगलवार को लखनऊ (Lucknow) में अखिलेश यादव से मुलाकात की। सूत्रों के हवाले से खबर है कि जयंत चौधरी ने अपनी पार्टी आरएलडी के लिए महागठबंधन में ज्यादा सीटों की मांग की है।

जयंत ने अखिलेश से मांगी इतनी सीटें

जयंत ने अखिलेश से मांगी इतनी सीटें

महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर आ रही खबरों के बीच आरएलडी नेता जयंत चौधरी ने मंगलवार को लखनऊ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की। सूत्रों की मानें तो जयंत चौधरी ने महागठबंधन में आरएलडी के लिए पांच सीटों की मांग की है। आपको बता दें कि वर्तमान में आरएलडी के पास केवल एक लोकसभा सांसद है। हाल ही में पश्चिमी यूपी की कैराना लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में तबस्सुम हसन आरएलडी के टिकट पर सपा और बसपा के समर्थन से लोकसभा चुनाव जीती थीं। तबस्सुम हसन समाजवादी पार्टी में ही थीं, लेकिन उन्हें आरएलडी के टिकट पर चुनाव लड़वाया गया था। ऐसे में आरएलडी की पांच सीटों की मांग महागठबंधन में पेंच फंसा सकती है।

80 में से 76 सीटों पर सपा-बसपा

80 में से 76 सीटों पर सपा-बसपा

आपको बता दें कि हाल ही में खबर आई थी कि 2019 के लोकसभा चुनाव को लेकर अखिलेश यादव और मायावती यूपी में सीटों के बंटवारे की डील लगभग फाइनल कर चुके हैं। बीते शुक्रवार को अखिलेश यादव अचानक दिल्ली स्थित मायावती के बंगले पर पहुंचे और बसपा अध्यक्ष से मुलाकात की। सूत्रों के हवाले से खबर आई कि दोनों पार्टियों ने फिलहाल यूपी की 80 लोकसभा सीटों में से 76 पर महागठबंधन के तहत साथ मिलकर चुनाव लड़के का फैसला कर लिया है। बाकी बची 4 सीटों में से दो सीटें अमेठी और रायबरेली कांग्रेस के लिए छोड़ी जा सकती हैं, जबकि दो सीटों पर फैसला होना अभी बाकी है। अखिलेश-मायावती के बीच करीब 2 घंटे की मुलाकात हुई।

महागठबंधन में कांग्रेस शामिल नहीं

महागठबंधन में कांग्रेस शामिल नहीं

सूत्रों की मानें तो अखिलेश यादव और मायावती के बीच 76 में से 37-37 सीटों पर लोकसभा चुनाव लड़ने की सहमति बनी है। इस सहमति को लेकर हालांकि बसपा या सपा में से किसी ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले कुछ ही दिनों में सीट बंटवारे का आधिकारिक ऐलान कर दिया जाएगा। यहां एक अहम खबर यह भी है कि समाजवादी पार्टी को मिली 37 सीटों में से ही अखिलेश यादव निषाद पार्टी और पीस पार्टी को भी सीटें देंगे। गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में अखिलेश को इन दोनों पार्टियों का साथ मिला था। गोरखपुर में तो निषाद पार्टी प्रमुख के बेटे को ही सपा के टिकट पर लड़ाया गया था।

आरएलडी के 2-3 सीटें देने पर विचार

आरएलडी के 2-3 सीटें देने पर विचार

अखिलेश यादव और मायावती की बैठक से जुड़ी दूसरी खबर यह थी कि बसपा सुप्रीमो अभी एक-दो सीटें और लेना चाहती हैं। सूत्रों की मानें तो मायावती यह भी चाहती हैं कि जाट नेता चौधरी अजीत सिंह की राष्ट्रीय लोकदल या किसी भी भावी साथी को समाजवादी पार्टी के कोटे से ही गठबंधन में शामिल किया जाए। माना जा रहा है कि आरएलडी को केवल 2 से 3 सीटें दिए जाने पर ही बातचीत चल रही है। इसका मतलब है कि महागठबंधन में अगर मायावती का यह फॉर्मूला स्वीकार किया जाता है तो 2019 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी बसपा से कम सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

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