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क्या लखनऊ में राजनाथ सिंह को टक्कर दे पाएंगी सपा की पूनम सिन्हा?

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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की सबसे वीआईपी सीटों में शुमार और सूबे की राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी ने अपना दांव चल दिया है। सपा ने इस हाई प्रोफाइल लोकसभा सीट से फिल्म अभिनेता और हाल ही में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी पूनम सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है। पूनम सिन्हा 18 अप्रैल को लखनऊ सीट से अपना नामांकन दाखिल करेंगी। पूनम सिन्हा का मुकाबला इस सीट पर केंद्रीय गृह मंत्री और मौजूदा भाजपा सांसद राजनाथ सिंह से होगा। राजनाथ सिंह ने मंगलवार को अपने समर्थकों के साथ रोड शो कर लखनऊ में अपना नामांकन दाखिल किया। आइए जानते हैं कि लखनऊ सीट पर क्या हैं सियासी समीकरण और अब तक कैसा रहा है यहां जीत का रिकॉर्ड।

पांच बार सांसद चुने गए पूर्व पीएम अटल

पांच बार सांसद चुने गए पूर्व पीएम अटल

लखनऊ लोकसभा सीट भारतीय जनता पार्टी का एक मजबूत गढ़ मानी जाती है। 1991 के लोकसभा चुनाव से लेकर अभी तक यहां लगातार भाजपा का ही परचम लहता रहा है। इस सीट से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी 1991 से लेकर 2009 तक लगातार पांच बार लोकसभा के सांसद चुने गए। इसके बाद 2009 के चुनाव में इस सीट से भाजपा नेता लालजी टंडन सांसद चुने गए। लालजी टंडन ने इस चुनाव में कांग्रेस की रीता बहुगुणा जोशी को 40 हजार वोटों के अंतर से हराया था। 2014 के लोकसभा चुनावों में वर्तमान केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह लखनऊ सीट से चुनाव लड़े और 272749 वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की। भाजपा ने एक बार फिर राजनाथ सिंह को लखनऊ लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा है।

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क्या कांग्रेस नहीं उतारेगी अपना उम्मीदवार?

क्या कांग्रेस नहीं उतारेगी अपना उम्मीदवार?

लखनऊ में करीब 23 लाख वोटर हैं। जातीय समीकरणों की अगर बात करें तो इस लोकसभा सीट पर वैश्य और ब्राह्मण मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं। वैश्य मतदाताओं की बड़ी भूमिका को देखते हुए ही पहले माना जा रहा था कि अखिलेश यादव यहां वैश्य उम्मीदवार उतार सकते हैं। वैश्य और ब्राह्मण मतदाताओं के बाद यहां मुस्लिम मतदाताओं की 21 फीसदी आबादी है, जो काफी अहम मानी जाती है। लखनऊ में करीब 10 मतदाता अनुसूचित जाति से हैं। शहरी क्षेत्र होने के कारण यहां अभी तक भाजपा को फायदा मिलता रहा है। सपा की ओर से पूनम सिन्हा को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद सियासी गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस यहां सपा के समर्थन में अपना उम्मीदवार नहीं उतारेगी। अगर ऐसा होता है तो राजनाथ सिंह को सपा प्रत्याशी पूनम सिन्हा से कड़ी चुनौती मिल सकती है।

18 अप्रैल को नामांकन करेंगी पूनम सिन्हा

18 अप्रैल को नामांकन करेंगी पूनम सिन्हा

आपको बता दें कि शत्रुघ्न सिन्हा बीती 6 अप्रैल को भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे। कांग्रेस ने शत्रुघ्न सिन्हा को बिहार की पटना साहिब सीट से लोकसभा का टिकट दिया है। शत्रुघ्न सिन्हा 2014 के लोकसभा चुनाव में पटना साहिब सीट से ही भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते थे। हालांकि बाद में वो मोदी सरकार और भाजपा को लेकर अक्सर बागी रवैये के चलते सुर्खियों में रहे। पिछले दिनों जब शत्रुघ्न सिन्हा ने लखनऊ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की तो इस बात के कयास लगने लगे थे कि उनकी पत्नी पूनम को लखनऊ सीट से चुनाव मैदान में उतारा जा सकता है। मंगलवार को सपा नेता रविदास मेहरोत्रा ने बताया कि पूनम सिन्हा 18 अप्रैल को लखनऊ सीट से अपना नामांकन दाखिल करेंगी।

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English summary
Lok Sabha Elections 2019: Rajnath Singh Vs Poonam Sinha In Lucknow.
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