फिर मुसीबत में भाजपा के सनी देओल, EC ने अब इस मामले में लिया एक्शन
गुरदासपुर लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार सनी देओल एक बार फिर मुसीबत में फंस गए हैं।
नई दिल्ली। 2019 के लोकसभा चुनाव में अंतिम चरण के मतदान के लिए चुनाव प्रचार थम चुका है और सियासी दल इस आखिरी मुकाबले को जीतने के लिए पूरी कोशिश से जुटे हुए हैं। अंतिम चरण के तहत 19 मई को आठ राज्यों की 59 लोकसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे और 23 मई को चुनाव परिणाम की घोषणा के साथ ही नई सरकार की तस्वीर साफ हो जाएगी। आखिरी चरण के मतदान से पहले फिल्म अभिनेता और पंजाब की गुरदासपुर लोकसभा सीट से भाजपा के उम्मीदवार सनी देओल को चुनाव आयोग से बड़ा झटका लगा है। दरअसल, चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर चुनाव आयोग ने सनी देओल को नोटिस जारी किया है।

किस मामले पर EC ने लिया एक्शन
पंजाब की गुरदासपुर लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार सनी देओल को आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के लिए चुनाव आयोग ने नोटिस जारी किया है। दरअसल सनी देओल ने 17 मई की शाम को अंतिम चरण का चुनाव प्रचार थमने के बाद शुक्रवार रात को पठानकोट में एक चुनावी जनसभा को संबोधित किया था। जबकि, चुनाव आयोग की तरफ से शाम पांच बजे के बाद चुनाव प्रचार पर प्रतिबंध था। इस मामले में शिकायत मिलने के बाद चुनाव आयोग ने सनी देओल को आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। पंजाब में सभी 13 लोकसभा सीटों के लिए रविवार को अंतिम चरण के तहत वोट डाले जाएंगे। गुरदासपुर सीट पर सनी देओल का मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी सुनील जाखड़ से है।

सनी देओल के नाम पर भी टेंशन में भाजपा
आपको बता दें कि इससे पहले सनी देओल के नाम को लेकर भी भाजपा परेशानी झेल चुकी है। दरअस चुनाव आयोग के समक्ष दाखिल किए गए नामांकन दस्तावेजों में सनी देओल ने अपना असली नाम अजय सिंह देओल बताया था। भाजपा की परेशानी यह थी कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर नामांकन पत्र में दी गई जानकारी के आधार पर ही नाम प्रदर्शित होता है। यानी, पंजाब की गुरदास लोकसभा सीट पर वोटरों को ईवीएम में सनी देओल नहीं बल्कि अजय सिंह देओल नाम दिखाई देगा। भाजपा को डर था कि मतदान के दिन ईवीएम पर अजय सिंह देओल नाम दिखने से वोटर कन्फ्यूज हो सकते हैं, क्योंकि वो भाजपा उम्मीदवार को अभी तक सनी देओल के नाम से ही जानते हैं। अपनी इसी डर को लेकर पंजाब भाजपा के नेताओं ने पिछले दिनों चुनाव आयोग से मिलकर मांग की, कि ईवीएम पर अजय सिंह देओल का नाम लिखने की बजाय सनी देओल ही लिखा जाए।

एनजीओ ने उठाए उम्मीदवारी पर सवाल
वहीं, सनी देओल के नामांकन को लेकर एक एनजीओ ने भी सवाल खड़े किए थे। एनजीओ का आरोप था कि सनी देओल ने अपने नामांकन पत्र में गलत जानकारी दी है। नामांकन में जिस बैंक खाते का जिक्र किया गया है, वह अमृतसर का है, जबकि सनी देओल का ना तो अमृतसर में कोई घर है और ना ही वह कभी अमृतसर आए हैं। ऐसे में उनका खाता वहां कैसे खुल गया। इससे पहले सनी देओल ने नामांकन दाखिल करते समय चुनाव आयोग को जानकारी दी कि उनके और उनकी पत्नी के पास कुल 87 करोड़ की संपत्ति है, जबकि वो 53 करोड़ रुपए के कर्जदार भी हैं। चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे के मुताबिक, साल 2017-18 में सनी देओल की आय 63.82 लाख रुपए थी, जबकि साल 2016-17 में 96.29 लाख और इसके पहले साल 2015-16 में उनकी आय 2.25 करोड़ रुपए थी। चुनावी हलफनामे के मुताबिक, सनी की कुल चल-अचल संपत्ति 60.46 करोड़ और 21 करोड़ है। सनी देओल के ऊपर कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है।












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