Lok Sabha Polls 3rd Phase: UP की 10 सीटों पर 104 उम्मीदवार, जानें कौन से बड़े चेहरों की साख दांव पर?
Lok Sabha Election 2024 3rd Phase: लोकसभा चुनाव के दो चरणों के मतदान पूरे हो चुके हैं। अब सभी राजनीतिक दलों का फोकस तीसरे चरण यानी 7 मई के मतदान पर बना हुआ है। तीसरे फेज के मतदान में उत्तर प्रदेश अहम रोल निभाने वाला है। क्योंकि, यूपी की 10 सीटों पर मतदान होगा। जिसमें मैनपुरी, आगरा, संभल, हांथरस, फतेहपुर सीकरी, फिरोजाबाद, एटा, बदायूं, आंवला और बरेली शामिल है।
इसके लिए 182 उम्मीदवारों ने नामांकन किया था, लेकिन सिर्फ 104 ही अप्रूव हो सके। मतलब कि 78 प्रत्याशियों के नामांकन कैंसिल हो गए। खास बात यह है कि इन अप्रूव हुए उम्मीदवारों में कई बड़े चेहरे शामिल हैं, जिनकी साख दांव पर है। आइए जानते है कौन-कौन से बड़े चेहरे रण में?

- मैनपुरी लोकसभा सीट: 1996 से समाजवादी पार्टी (सपा) का गढ़ मानी जाने वाली इस सीट पर पार्टी ने मौजूदा सांसद डिंपल यादव को इस बार भी चुनावी रण में उतारा है। डिंपल के कंधों पर यादव परिवार की राजनीतिक विरासत को संजोये रखने की जिम्मेदारी है। सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के निधन से रिक्त हुई मैनपुरी सीट पर दिसंबर 2022 में उपचुनाव हुए। जिसमें डिंपल को साइकिल पर बैठाकर चुनावी रण में आगे किया गया। वहीं, बीजेपी ने स्थानीय विधायक और योगी सरकार में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह को टिकट दिया है। उधर, बसपा ने पूर्व विधायक शिव प्रसाद यादव को मैदान में उतारा है।
- बदायूं सीट: इस सीट पर भी 'यादव परिवार' की साख की दांव पर लगी है। क्योंकि, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस सीट पर अपने चाचा शिवपाल सिंह यादव के पुत्र आदित्य यादव को चुनावी रण में उतारा है। इस सीट को लेकर यादव परिवार में काफी मंथन देखने को मिला।
अखिलेश ने पहले इस सीट पर चचेरे भाई धर्मेंद्र यादव को टिकट दिया। लेकिन, बाद में धर्मेंद्र यादव का नाम वापस लेकर चाचा शिवपाल को उतारा। पार्टी कार्यकर्ताओं की मांग पर अखिलेश को एक बार फिर मंथन करना पड़ा और चाचा का नाम वापस लेकर उनके बेटे को चुनावी रण में उतारा। वहीं, बीजेपी ने ब्रज क्षेत्र के अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य को चुनावी रण में उतार है। उधर, बसपा ने मुस्लिम खां को टिकट दिया है।
- बरेली सीट: इस सीट पर जहां बीजेपी ने 8 बार के सांसद संतोष गंगवार को चुनावी रण में उतारा है। वहीं, सपा ने 2009 में बीजेपी के मजबूत किले को भेदने वाले पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन पर भरोसा जताया है।
- संभल सीट: मुस्लिम बहुल इस सीट पर सपा ने अपने सांसद शफीकुर्रहमान बर्क पर भरोसा जताया था। लेकिन, उनके निधन के बाद इस सीट पर बर्क की राजनीतिक विरासत संजोये रखने की जिम्मेदारी उनके पोते कुंदरकी के सपा विधायक जियाउर्रहमान ने उठा ली।
अब जियाउर्रहमान के कंधों पर परिवार का वर्चस्व बरकरार रखने का दारोमदार है। खास बात यह है कि बीजेपी ने इस सीट पर पूर्व एमएलसी परमेश्वर लाल सैनी को पिछले चुनाव की हार का बदला लेने का मौका दिया है। उधर, बसपा ने सौलत अली को उम्मीदवार के रूप में चुनावी रण में उतारा है।
- फतेहपुर सीकरी सीट: बीजेपी ने इस सीट पर पिछले लोकसभा चुनाव के विजेता जाट बिरादरी से आने वाले सांसद राजकुमार चाहर को दोबारा कमल खिलाने का मौका दिया है। खास बात यह है कि कांग्रेस ने इस सीट पर ठाकुर बिरादरी के रामनाथ सिकरवार और बसपा ने ब्राह्मण उम्मीदवार राम निवास शर्मा को चुनावी रण में उतारा है।
- आंवला सीट: बदायूं के दो और बरेली के तीन विधानसभा सीटों को मिलाकर बनी इस लोकसभा सीट पर बीजेपी ने सांसद धर्मेंद्र कश्यप पर एक बार फिर भरोसा जताया है। वहीं, सपा ने टक्कर देने के लिए नीरज मौर्य को चुनावी रण में उतारा है। बसपा की बात करें तो, सपा की साइकिल से उतरकर हाथी पर सवार हुए आंवला नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष सैयद आबिद अली को चिंघाड़ने का मौका दिया है।
- हाथरस सीट: अलीगढ़ के दो और हाथरस के तीन विधानसभा क्षेत्रों को कवर करने वाली इस सीट पर बीजेपी ने योगी सरकार में राजस्व राज्य मंत्री अनूप वाल्मीकि को प्रत्याशी बनाया है। इस बार सांसद राजवीर सिंह दिलेर का टिकट काट दिया गया है। वहीं, सपा ने जसवीर वाल्मीकि और बसपा ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर हेमबाबू धनगर को उम्मीदवार बनाया है।
- एटा सीट: इस सीट पर लोध बिरादरी से वर्तमान सांसद राजवीर सिंह पर एक बार फिर बीजेपी ने भरोसा जताया है। खास बात यह है कि राजवीर सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के पुत्र हैं। इन पर बीजेपी की जीत की हैट्रिक को कायम रखना का दारोमदार है। वहीं, सपा ने शाक्य बिरादरी के देवेश शाक्य और बसपा ने पेशे से वकील मोहम्मद इरफान को चुनावी रण में उतारा है।
- आगरा सीट: इस सीट पर बीजेपी के उम्मीदवार केंद्रीय राज्य मंत्री और मौजूदा सांसद एसपी सिंह बघेल ताल ठोक रहे हैं। वहीं, सपा ने जूता कारोबारी सुरेश चंद कर्दम और कांग्रेस ने कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य रहीं सत्या बहन की पुत्री पूजा अमरोही को टिकट देकर चुनावी रण में उतारा है।












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