Lok Sabha Election: तमिलनाडु में 'थर्ड फ्रंट' बनाने में सफल हुई बीजेपी, NDA को चुनावी रेस में ले आए अन्नामलाई?
Lok Sabha Chunav News 2024: तमिलनाडु में भी पूरे देश के साथ लोकसभा चुनावें के नतीजे 4 जून को ही आएंगे, लेकिन उससे पहले भारतीय जनता पार्टी वहां इस मामले में सफल हुई है कि उसने अपनी अगुवाई में एनडीए का एक मोर्चा बना लिया है।
तमिलनाडु की राजनीति में बीजेपी की अगुवाई वाला एनडीए एक तरह से अभी 'थर्ड फ्रंट' की भूमिका में नजर आ रहा है, जिसे तैयार करने में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अधिकारी के अन्नामलाई का रोल बहुत ही महत्वपूर्ण है।

सलेम में पीएम मोदी के मंच पर जुटे पीएमके के दिग्गज
भाजपा को सबसे बड़ी सफलता पट्टालि मक्कल काची (PMK) के साथ गठबंधन करके मिली है। इसके संस्थापक एस रामदॉस और उनके बेटे और पार्टी अध्यक्ष अंबुमणि रामदॉस ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सलेम की एक चुनावी सभा में मंच साझा करके प्रदेश की राजनीति को एक नई दिशा दे दी है।
पीएमके के पास वन्नियार वोट बैंक
पीएमके मूल रूप से अति पिछड़ी जाति (MBC) वन्नियार समर्थित पार्टी है, जिसके पास करीब 6% का ठोस वोट बैंक है। 2011 के चुनावों से पहले पीएमके सत्ताधारी डीएमके या मुख्य विपक्षी एआईएडीएमके, जिसकी ओर भी जाती थी, चुनावी नतीजों में पलड़ा उसी का भारी नजर आता था।
तमिलनाडु की छोटी-छोटी पार्टियों के साथ बनाया गठबंधन
तमिलनाडु में भाजपा की सबसे अहम सहयोगी एआईएडीएमके ने कुछ महीने पहले ही गठबंधन तोड़ लिया था। लेकिन, अब पार्टी ने मौजूदा चुनाव के लिए प्रदेश की कई छोटी-छोटी पार्टियों के साथ गठबंधन तैयार किया है और खुद उसकी अगुवाई कर रही है।
इसमें अम्मा मक्कल मुनेत्र कझगम (एएमएमके), पुथिया नीथि काची, पुथिया तमिलनगम, जीके वासन की तमिल मानिला कांग्रेस, टीएमएमके, इंधिया जननायगा काची के साथ-साथ एआईआईएडीएमके से बाहर किए गए दिग्गज नेता और जयललिता के भरोसेमंद रहे ओ पन्नीरसेल्वम भी शामिल हैं। पार्टी दिवंगत विजयकांत की डीएमडीके साथ भी गठबंधन पर बातचीत कर रही है।
बीजेपी ने बिठाया जातीय और क्षेत्रीय समीकरण
पीएमके का उत्तर तमिलनाडु में बड़ा जनाधार है तो एएमएमके और डीएमडीके के पास भी प्रभावी वोट बैंक है। उत्तर तमिलनाडु में भाजपा बहुत ही कमजोर है और इस गठबंधन से उसे वहां लाभ मिलने की संभावना है तो दक्षिण और पश्चिम तमिलनाडु में पार्टी का अपना भी प्रभाव कायम हुआ है।
वहीं टीटीवी दिनाकरण की अम्मा मक्कल मुनेत्र कझगम (एएमएमके) और जॉन पांडियन की तमिलनाडु मक्कल मुन्नेत्र कझगम (टीएमएमके) से इस इलाके में उसके और मजबूत होने की संभावना बढ़ी है।
पन्नीरसेल्वम और दिनाकरण की सहायता से उसे मुक्कुलाथोर समाज को गोलबंद करने का मौका मिला है, जो मध्य और दक्षिण तमिलनाडु की एक काफी प्रभावशाली जाति है।
2019 के चुनाव में वोट शेयर
2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी 5 सीटों पर लड़ी थी और उसे 3.6% वोट मिले थे। इसी तरह से पीएमके 7 सीटों पर लड़कर 5.4% वोट लाई थी। डीएमडीके को 4 सीटों पर 2.2% वोट मिले थे और टीएमसी (एम) को 1 सीट पर .5% वोट आए थे।
अन्नामलाई ने तमिलनाडु बीजेपी में फूंकी जान
तमिलनाडु में लोकसभा की 39 सीटें हैं। अबतक बीजेपी वहां अन्नाद्रमुक की जूनियर पार्टनर बनकर चुनाव लड़ती थी। लेकिन, इस बार तेज तर्रार नेता अन्नामलाई की अगुवाई और पीएम मोदी के नेतृत्व में एनडीए में पार्टी ड्राइविंग सीट पर बैठी है।
पीएम मोदी की सभाओं में दिख रहा है उत्साह
जनवरी के आखिर में ही अन्नामलाई की पदयात्रा खत्म हुई है, जिसमें उन्होंने प्रदेश की सभी 234 विधानसाओं को कवर किया है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार प्रदेश के दौरे पर पहुंचे हैं।
उनके कोयंबटूर और सलेम की सभाओं में जिस तरह की भीड़ उमड़ी है और रोडशो में लोगों की जो प्रतिक्रियाएं दिखी हैं, वह लगता है कि कुछ खास संदेश देना चाह रही हैं।
अयोध्या में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले भी वह तमिलनाडु में भगवान राम से जुड़े स्थानों पर पहुंचकर अपना सियासी संदेश दे चुके हैं।
अब जिस तरह से क्षेत्रीय पार्टियों ने भाजपा के नेतृत्व में भरोसा दिखाया है, उससे लगता है कि इस बार अगर तमिलनाडु में कुछ रोचक नतीजे देखने को मिल जाए तो हैरानी नहीं होगी।












Click it and Unblock the Notifications