पीएम मोदी का मंच, संदेशखाली की पीड़ित महिलाएं, बंगाल फतह का क्या है बीजेपी वाला प्लान? पढ़ें
Lok Sabha Election News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों विभिन्न राज्यों के धुआंधार दौरे पर हैं। वे 2 मार्च को भी बंगाल दौरे पर गए थे और बुधवार यानी 6 मार्च को भी पश्चिम बंगाल में उनका कई सरकारी और राजनीतिक कार्यक्रम है।
बुधवार को प्रधानमंत्री की उत्तर 24 परगना के बारासात में एक रैली होने वाली है, जिसमें बड़ी तादाद में महिलाओं के पहुंचने की संभावना है। बड़ी बात ये है कि भारतीय जनता पार्टी की योजना है कि इस कार्यक्रम में संदेशखाली में यौन उत्पीड़न की शिकार हुई महिलाओं को भी लाया जाए।

पीएम मोदी के कार्यक्रम में पहुंचेंगी संदेशखाली की पीड़ित!
पश्चिम बंगाल में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और बालुरघाट के सांसद सुकांत मजूमदार ने हाल ही में कहा था कि 'हम संदेशखाली की महिलाओं से बात करेंगे, जिनका सत्ताधारी दल के स्थानीय नेताओं ने यौन उत्पीड़न किया था और यदि संदेशखाली की माताएं और बहनें पीएम मोदी से मिलना चाहेंगी, हम उन्हें कार्यक्रम तक ले जाएंगे।'
संदेशखाली है भाजपा के बंगाल विजय अभियान का आधार!
संदेशखाली से बारासात की दूरी भले ही 80 किलोमीटर से कुछ अधिक है। लेकिन, ये दोनों ही उत्तर 24 परगना जिले में आते हैं। संदेशखाली की घटना चुनावों के लिहाज से भाजपा के लिए बहुत ही अहम है और जब पीएम मोदी 2 मार्च को कृष्णानगर में जनसभा को संबोधित कर रहे थे, तभी उनकी बातों से यह बात जाहिर हो चुकी है।
संदेशखाली पर पीएम मोदी साध चुके हैं टीएमसी सरकार पर निशाना
पीएम मोदी ने सीधे ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि सरकार नहीं चाहती थी की अपराधी कभी गिरफ्तार हो। लेकिन, यहां की महिलाओं दुर्गा बन गईं और उनके आगे ममता सरकार को भी झुकना पड़ गया।
पीएम मोदी ने टीएमसी सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा था, 'राज्य में अपराधी तय करते हैं कि उन्हें कब सरेंडर करना है....सरकार नहीं चाहती थी कि शाहजहां शेख पकड़ा जाए, लेकिन बंगाल की महिलाओं की वजह से ऐसा नहीं हो पाया....भाजपा के कार्यकर्ता उनके पास खड़े हो गए और उसके बाद उसे गिरफ्तार करना पड़ा।'
संदेशखाली की घटना में बीजेपी को दिख रही है बड़ी उम्मीद
बंगाल में एक महिला मुख्यमंत्री के होते हुए भी संदेशखाली में जो कुछ हुआ, वह लोकसभा चुनाव में 35 सीटें जीतने का लक्ष्य रखने वाली भाजपा के लिए राजनीतिक तौर पर मुंह मांगी मुराद की तरह है।
ऊपर से अब कलकत्ता हाई कोर्ट ने ईडी पर हमले वाले केस में शाहजहां शेख का मुकदमा सीबीआई को सौंपकर ममता सरकार की चिंता और बढ़ा दी है।
भाजपा सूत्रों का कहना है कि बारासात की रैली का फोकस संदेशखाली की महिलाओं के दुख-दर्द पर रहेगा। एक भाजपा नेता ने बताया था, 'हम समारोह स्थल पर बड़ी संख्या में महिलाओं को जुटाएंगे। हमारा लक्ष्य महिला मतदाताओं तक अपना संदेश पहुंचाने के लिए संदेशखाली से यौन उत्पीड़न की पीड़िताओं को लाना और उनके खिलाफ टीएमसी की ओर से किए गए अत्याचारों को उजागर करना होगा।'
ममता को घेरने की भाजपा बना चुकी है रणनीति
उनके मुताबिक, 'प्रधानमंत्री मोदी और संदेशखाली की पीड़िताओं की मौजूदगी से पूरे राज्य के हिंदू मतदाताओं में सत्ताधारी टीएमसी के खिलाफ एक संदेश जाएगा।'
बारासात सीट भी भाजपा के एजेंडा 35 में शामिल!
जानकारी के मुताबिक बारासात सीट टीएमसी की मौजूदा उन 23 सीटों में शामिल है, जिसे छीनकर बीजेपी इस बार राज्य की 42 में से 35 सीटें जीतने का लक्ष्य लेकर चल रही है। यह टारगेट केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह अपनी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को दे चुके हैं।
संदेशखाली के जरिए महिला वोटरों को खास टारगेट करना चाहती है बीजेपी
भाजपा की रणनीति अपने इस अभियान के माध्यम से विशेष तौर पर प्रदेश की महिला मतदाताओं को प्रभावित करना है। यह भी तथ्य है कि चुनाव आयोग के ताजा आंकड़े को देखें तो पिछले पांच वर्षों में राज्य में पुरुष मतदाताओं के मुकाबले महिला मतदाताओं की संख्या काफी बढ़ी है।
2019 में जहां बंगाल में 1000 पुरुष वोटरों के मुकाबले 949 महिला वोटर थीं। जबकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में राज्य में हर 1000 पुरुष मतदाताओं के मुकाबले 968 महिला वोटरों को मतदान का मौका मिलेगा। बंगाल के कुल 7.5 करोड़ मतदाताओं में अब पुरुष 3.8 करोड़ और महिलाएं 3.7 करोड़ हैं।












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