बंगाल में भी बन गई बात! TMC-कांग्रेस आ सकते हैं साथ, जानिए क्या होगा सीटों का नया फॉर्मूला?

Congress-TMC seat sharing talks in West Bengal: इंडिया ब्लॉक के लिए यूपी के बाद बंगाल से भी अच्छी खबर है। कई सूत्रों के हवाले से जानकारी मिल रही है कि कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के बीच में सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत अभी भी टूटी नहीं है और बीच के रास्ते का फॉर्मूला भी निकलकर सामने आ रहा है।

सूत्रों का कहना है कि बंगाल में भी तब टीएमसी और कांग्रेस के बीच बातचीत फिर से पटरी पर लौटी है, जब कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने उसमें सीधा दखल दिया है। जैसे की यूपी के बारे में चर्चा है कि जब प्रियंका गांधी वाड्रा ने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव को फोन मिलाया तो वह गठबंधन से मना नहीं कर पाए।

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बंगाल में टीएमसी कांग्रेस को दे सकती है 5 से 6 सीट
बंगाल के लिए भी रिपोर्ट है कि यहां भी दोनों दलों के बीच में सीटों के बंटवारे को लेकर आपस में सहमति बन गई है। नए फॉर्मूले के तहत कांग्रेस को 5 से 6 सीटें मिलेंगी और बाकी 37 सीटों पर ममता बनर्जी की पार्टी का उम्मीदवार चुनाव लड़ेगा।

ममता बनर्जी ने अकेले चुनाव लड़ने की कर दी थी घोषणा
शुरू में ममता बनर्जी ने बंगाल में कांग्रेस को सिर्फ वही दोनों सीटें (बेहरामपुर और मालदा दक्षिण) देने की पेशकश की थी, जहां 2019 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी को जीत मिली थी।

लेकिन, जब कांग्रेस के नेता ज्यादा सीटों के लिए अड़े तो टीएमसी सुप्रीमो ने कह दिया कि बंगाल में उनकी पार्टी अकेले बीजेपी से लड़ने में सक्षम है। उन्होंने यहां तक कहा था कि वह इंडिया ब्लॉक के साथ हैं, लेकिन बंगाल में वह किसी तरह का गठबंधन नहीं करने वाली।

बंगाल में कांग्रेस के लिए ये सीटें छोड़ सकती है टीएमसी
अब जो जानकारी है उसके अनुसार पश्चिम बंगाल में कांग्रेस और टीएमसी के बीच समझौते के तहत कांग्रेस को मालदा की दोनों सीटें, बेहरामपुर, रायगंज और दार्जीलिंग सीटें दी जा सकती हैं। जबकि जंगीपुर, मुर्शिदाबाद और पुरुलिया पर बातचीत चलने की जानकारी है।

संदेशखाली की घटनाओं के बीच टीएमसी-कांग्रेस में हो रही डील!
गौर करने वाली बात ये है कि कांग्रेस और टीएमसी के बीच यह बातचीत ऐसे समय में आगे बढ़ती दिख रही है, जब ममता सरकार उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली में हुई घटनाओं की वजह से चौतरफा घिरी हुई है और मुख्य आरोपी और टीएमसी नेता शाहजहां शेख अबतक फरार है।

पश्चिम बंगाल की मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी संदेशखाली में आदिवासी और दलित महिलाओं के साथ हुए यौन अत्याचार और उनकी जमीन हड़पे जाने को लेकर तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ काफी आक्रामक है।

कांग्रेस की ओर से 6-7 सीटें मांगे जाने की खबर
इससे पहले बंगाल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के हवाले से भी खबर आ चुकी है कि पार्टी की गठबंधन समिति लगातार टीएमसी के साथ संपर्क में है। उन्होंने भरोसा जताया था कि आखिरकार गठबंधन हो जाएगा।

जानकारी के मुताबिक कांग्रेस कम से कम 6-7 सीटों पर अड़ी थी और ममता दो-तीन से आगे नहीं बढ़ रही थीं। लेकिन, कांग्रेस पार्टी के नेताओं की ओर से विश्वास जताया जा रहा था कि टीएमसी के कई नेताओं के खिलाफ जांच एजेंसियों का शिकंजा कसा हुआ है, ऐसे में पार्टी आखिरकार गठबंधन के लिए जरूर राजी होगी।

लेफ्ट फ्रंट का अलग रास्ता होने की संभावना
वैसे बंगाल में यह लगभग तय है कि इंडिया ब्लॉक के बाकी सहयोगी, मतलब लेफ्ट फ्रंट के लिए टीएमसी कोई सीट छोड़ने को राजी नहीं होगी। ऐसे में आने वाले दिनों में अगर सीटों की घोषणा होती है तो यह जानना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस को मिली सीटों पर लेफ्ट फ्रंट अपना उम्मीदवार देता है या नहीं?

बंगाल में 2019 के लोकसभा चुनाव का परिणाम
2019 के लोकसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल की 42 सीटों में से टीएमसी को 22, बीजेपी को 18 और कांग्रेस को 2 सीटें मिली थीं। लेफ्ट फ्रंट का खाता भी नहीं खुला था। तब कांग्रेस और लेफ्ट अलग-अलग चुनाव लड़े थे।

पिछले चुनाव में बंगाल में टीएमसी को 44%, बीजेपी को 41%, कांग्रेस को 6% और लेफ्ट फ्रंट की सबसे बड़ी पार्टी सीपीएम को भी 6% वोट मिले थे।

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