Lok Sabha Election: अब अखिलेश की बारी! क्या जयंत चौधरी को घेरने के लिए सपा ने की ये तैयारी?
Lok Sabha Election New: आरएलडी चीफ जयंत चौधरी के बीजेपी के साथ गठबंधन करने के बाद सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भी उनकी घेराबंदी के लिए अपने सारे घोड़े छोड़ने शुरू कर दिए हैं।
चौधरी के फैसले से पश्चिमी यूपी में समाजवादी पार्टी के पक्ष में मजबूत नजर आ रहा समीकरण अचानक बदल चुका है। आरएलडी के एनडीए में आने से पश्चिमी यूपी में भारतीय जनता पार्टी की बहुत बड़ी चुनौती कम हुई है।

जयंत के खिलाफ 'खेला' करने के मूड में अखिलेश!
पार्टी ने गठबंधन में आने के बदले जयंत चौधरी की पार्टी के लिए दो सीटें छोड़ हैं- बागपत और बिजनौर। लेकिन, लगता है कि सपा चीफ इन्हीं दोनों सीटों पर रालोद प्रमुख के खिलाफ खेला करने के मूड में नजर आ रहे हैं।
उनके ऐक्शन से लग रहा है कि वह इन सीटों में से किसी एक पर गुर्जर उम्मीदवार उतारकर उन्हें सियासी घेरे में उलझाने की योजना पर काम कर रहे हैं।
जयंत को बागपत या बिजनौर में घेरने की कोशिश?
जिस तरह से गुर्जर नेता लतेश बिधूड़ी ने जयंत की पार्टी का 'हैंड पंप' छोड़कर अखिलेश की 'साइकिल' पकड़ी है और उनका समाजवादी पार्टी में जोरदार स्वागत हुआ है, उससे लगता है कि पार्टी उन्हें बागपत या बिजनौर से चुनाव लड़ाना चाहती है।
जाट, मुस्लिम, गुर्जर समीकरण बनाना चाहते हैं अखिलेश!
अखिलेश की रणनीति से लगता है कि वह जयंत से बदला लेने के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट, मुस्लिम और गुर्जर समीकरण बनाना चाहते हैं।
वे कैराना से इकरा हसन और मुजफ्फरनगर से जाट नेता हरेंद्र मलिक को उतार ही चुके हैं। ऐसे में ज्यादा संभावना है कि अगर बागपत या बिजनौर से बिधूड़ी सपा उम्मीदवार बन गए तो रालोद की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
चंदन चौहान को उम्मीदवार बनाने से नाराज हुए लतेश बिधूड़ी!
आरएलडी ने बिजनौर से मीरापुर से पार्टी एमएलए चंदन चौहान को प्रत्याशी बनाया है, लेकिन इससे एक गुट खुश नहीं है, जिसमें से लतेश बिधूड़ी भी बताए जाते हैं। उसी के बाद उन्होंने सपा ज्वाइन करने का फैसला किया है और अखिलेश यादव का जमकर गुणगान कर रहे हैं।
ऐसे में सपा ने अगर गुर्जर नेता पर बिजनौर में दांव लगाया तो चौहान की टेंशन बढ़ेगी और यदि बागपत से टिकट दिया तो वहां रालोद प्रत्याशी डॉ राजकुमार चौहान के सामने संकट पैदा हो सकता है।
गुर्जरों में लतेश के ससुर करतार भड़ाना का रहा है दबदबा
लतेश बिधूड़ी 13 वर्षों से राष्ट्रीय लोक दल से जुड़े हुए थे और गुर्जरों के दिग्गज चेहरे करतार भड़ाना के दामाद होने की वजह से बिरादरी में उनका अपना एक रुतबा है।
2019 में बिजनौर सीट पर बसपा के मलूक नागर चुनाव जीते थे और वे भी गुर्जर जाति के ही हैं। तब सपा, बसपा और रालोद का गठबंधन था।
वहीं बागपत से खुद जयंत चौधरी प्रत्याशी थे। लेकिन, तब बीजेपी प्रत्याशी डॉ सत्यपाल सिंह ने उनसे करीब 2.5% ज्यादा वोट लाकर यह सीट जीत ली थी।












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