Lok Sabha Chunav: BJP के लिए बड़ी चुनौती कांग्रेस से सीधी टक्कर, या अन्य दलों से मुकाबला? क्या कहता है ट्रेंड

Lok Sabha Election Results Trend: इस बार लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 370 से ज्यादा सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है और एनडीए के लिए 400 पार के नारे लगा रही है। एनडीए के खिलाफ विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया ब्लॉक ने कई राज्यों में सीटों का तालमेल किया है। लिहाजा भाजपा को ज्यादा सीटों पर सीधे मुकाबले का सामना करना पड़ रहा है।

अगर हम 2009, 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों के परिणामों का विश्लेषण करें तो ऐसा लगता है कि केंद्र में तीसरी बार सत्ता पर काबिज रहने की लड़ाई लड़ रही बीजेपी के लिए कांग्रेस से सीधी टक्कर लेना ज्यादा आसान है। जब बात अन्य दलों के साथ सीधी लड़ाई की आती है तो भारतीय जनता पार्टी की चुनौती बढ़ जाती है।

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2009 में भाजपा से सीधी टक्कर में आगे निकली थी कांग्रेस
2009 में कांग्रेस की अगुवाई में यूपीए की दूसरी बार सरकार बनी थी। तब देश में 173 लोकसभा सीटों पर कांग्रेस और बीजेपी में सीधा मुकाबला हुआ था। इसमें बीजेपी को 80 सीटें मिली थीं और कांग्रेस 93 जीती थी। इन सीटों पर कांग्रेस का वोट शेयर 42.6% था और बीजेपी सिर्फ 41% वोट जुटा पाई थी।

2014 से भाजपा के पक्ष में बदल गया ट्रेंड
पांच साल बाद 2014 में कांग्रेस का 'मोदी लहर' से सामना हुआ। दोनों पार्टियों के बीच कुल 189 सीटों पर सीधा मुकाबला था। भाजपा को 166 सीटें मिलीं और कांग्रेस सिर्फ 23 सीटें जीत सकी। इन सीटों पर बीजेपी का वोट शेयर 50.9% रहा और कांग्रेस का घटकर 34.7% तक पहुंच गया।

2019 में कांग्रेस के नुकसान का ग्राफ और बढ़ा
2019 में तो सीधी फाइट में कांग्रेस ने बीजेपी के सामने लगभग घुटने ही टेक दिए। कुल 190 सीटों पर दोनों दलों का सीधा मुकाबला हुआ। बीजेपी 175 सीटें जीती और कांग्रेस 15 सीटों पर ही सफल हो सकी। बीजेपी का वोट शेयर 56.5% तक पहुंच गया। अलबत्ता कांग्रेस के वोट शेयर में भी मामूली सुधार हुआ, लेकिन 35.3% वोट भी सीटों के नुकसान को रोक नहीं सकी।

बीजेपी के मुकाबले कांग्रेस की स्ट्राइक रेट घटते रहने का ट्रेंड
इन तीनों चुनावों एक ट्रेंड बहुत ही सामान्य रहा है कि बीजेपी से सीधे मुकाबले में कांग्रेस की स्ट्राइक रेट लगातार अप्रत्याशित रूप से घटती गई है। 2014 में आमने-सामने के मुकाबले में बीजेपी 46.% सीटें जीती तो कांग्रेस 53.8% सीटों पर सफल हुई।

2014 में स्ट्राइक रेट का यह अंतर क्रमश: 87.8% और 12.2% का हो गया और 2019 में इस फासला बढ़कर 92.1% और 7.9% हो गया।

भाजपा को गैर-कांग्रेसी दलों से मिली ज्यादा जोरदार टक्कर
लेकिन, इन्हीं तीन चुनावों में जब भाजपा और गैर-कांग्रेसी दलों के बीच सीधी टक्कर हुई है तो इस चुनाव परिणाम में उतार-चढ़ाव नजर आया है। हालांकि, फिर भी बढ़त हमेशा बीजेपी की ही रही है।

तीन चुनावों में दिखाया है भाजपा के देशव्यापी विस्तार का ट्रेंड
2009 में ऐसी सीटों की संख्या 140 थी, जहां बीजेपी और कांग्रेस में से कोई भी दल पहले या दूसरे नंबर पर नहीं थी। 2014 में ऐसी सीटों की संख्या घटकर 128 रह गई और 2019 में महज 97 हो गई। यह ट्रेंड पूरे देश में भाजपा के बढ़ते प्रभाव का भी संकेत है।

2009 में भी अन्य दलों से सीधे मुकाबले में आगे थी भाजपा
2009 के लोकसभा चुनाव में देश में 53 ऐसी सीटें थीं, जहां बीजेपी का सीधा मुकाबला किसी गैर-कांग्रेसी पार्टी के साथ हुआ था। इसमें से 36 सीटें बीजेपी के खाते में गई और 17 सीटों पर किसी अन्य दल का कब्जा हुआ। इन सीटों पर भाजपा का वोट शेयर 36% और अन्य दलों का 32.9% रहा।

2014 में अन्य दलों पर भाजपा की जीत बड़ी थी
2014 के 'मोदी लहर' में देश की 147 लोकसभा सीटों पर भाजपा और अन्य दलों के बीच सीधी टक्कर हुई। इनमें से 116 सीटें बीजेपी को और 31 सीटें अन्य दलों को मिलीं। वहीं भाजपा का वोट शेयर इन सीटों पर 41.7% रहा और अन्य दलों का 31% था।

2019 में भाजपा को फायदा हुआ, लेकिन अन्य दलों को भी लाभ मिला
2019 में ऐसी सीटों की संख्या बढ़कर 185 हो गई। लेकिन, बीजेपी के मुकाबले अन्य दलों की सीटें तुलनात्मक रूप से ज्यादा बढ़ीं। भाजपा जहां 128 सीटें जीती थी, वहीं अन्य दलों के खातों में 57 सीटें चली गईं। वोट शेयर भाजपा के भी बढ़े और अन्य दलों के भी। लेकिन, बाकी दलों की बढ़ोतरी ज्यादा थी। जैसे बीजेपी का वोट शेयर इन सीटों पर 47.3% था तो अन्य दलों का 40.3% रहा।

भाजपा को कांग्रेस के मुकाबले अन्य दलों से मिल रही है बड़ी चुनौती
अगर इन तीनों चुनावों में बीजेपी और गैर-कांग्रेसी दलों की स्ट्राइक रेट को देखें तो स्पष्ट हो जाता है कि कांग्रेस के मुकाबले भाजपा को गैर-कांग्रेसी दलों से ज्यादा कड़ी चुनौती मिलती है।

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बीजेपी और अन्य दलों की स्ट्राइक रेट में उतार-चढ़ाव वाला ट्रेंड
2009 में बीजेपी की स्ट्राइक रेट 67.9% रही तो अन्य दलों की 32.1% थी। 2014 में भाजपी की स्ट्राइक रेट बढ़कर 78.9% तक पहुंच गई तो अन्य दल नीचे गिरकर 21.1% तक सिमट गए। लेकिन, 2019 में उन्होंने बाउंस बैक किया और उनकी स्ट्राइक रेट 30.8% रही और बीजेपी की स्ट्राइक रेट 69.2% दर्ज हुई।

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