आंवला में BSP का असली उम्मीदवार कौन? मायावती ने किया कंफर्म
UP Lok Sabha Election 2024 Amla: उत्तर प्रदेश में फर्जी नामांकन का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहां आंवला सीट पर बीएसपी की ओर से दो-दो उम्मीदवारों ने नामांकन किया था। आखिरकार पार्टी सुप्रीमो मायावती को बताना पड़ा कि असली प्रत्याशी कौन है और किसने पार्टी की ओर से फर्जी पर्चा भरा है।
बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की ओर से दो-दो नामांकन की वजह से पहले दोनों ही पर्चा रद्द कर दिया गया था। जब इसकी भनक लगी तो बसपा खेमे में नीचे से ऊपर तक खलबली मच गई। बात पार्टी सुप्रीमो मायावती तक पहुंचाई गई।

मायावती ने वीडियो कांफ्रेंस में असली उम्मीदवार पर लगाई मुहर
बाद में बीएसपी चीफ और बरेली के संबंधित अधिकारियों के बीच वीडियो कांफ्रेंस की व्यवस्था की गई। जब पार्टी अध्यक्ष ने अपने असली उम्मीदवार का नाम कंफर्म किया तब जाकर गलत नाम को आउट किया गया और असली प्रत्याशी को पार्टी का आधिकारिक उम्मीदवार माना गया।
सैयद आबिद अली आंवला से बसपा के अधिकृत उम्मीदवार
जूम मीटिंग के दौरान बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने अधिकारियों को बताया कि सैयद आबिद अली ही उनकी पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी हैं। इसके बाद आबिद अली का पर्चा मंजूर कर लिया गया और फर्ची तरीके से नामांकन भरने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश जारी कर दए गए।
बसपा की ओर से दो-दो ने भरा था पर्चा
बरेली के चीफ डेवलपमेंट ऑफिसर (सीडीओ) के मुताबिक आंवला सीट से दो-दो प्रत्याशियों का दावा था कि वे बसपा के अधिकृत प्रत्याशी हैं। दोनों के पास ए-बी फॉर्म था, जिस पर हस्ताक्षर भी दर्ज थे। इसी से सारा कंफ्यूजन शुरू हुआ था।
फर्जी तरीके से भरा गया था दूसरा नामांकन
बाद में बीएसपी प्रमुख की ओर से चुनाव आयोग में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई कि उनकी ओर से किसी सत्यवीर सिंह को यह फॉर्म नहीं जारी किया गया है। पार्टी की ओर से लखनऊ थाने में एफआईआर दर्ज कराकर उसकी जानकारी भी चुनाव आयोग में भी जमा करवाई गई।
तब जाकर मायावती को जूम मीटिंग के माध्यम से बरेली के अधिकारियों से मुलाकात का मौका मिला। इस बैठक में सैयद अली के अलावा आंवला सीट के चुनाव पर्यवेक्षक भी मौजूद रहे। इसी में मायावती ने सैयद आबिद अली को बसपा का आधिकारिक प्रत्याशी बताया।
सपा उम्मीदवार पर लगा साजिश का आरोप
बाद में बीएसपी उम्मीदवार ने इस फर्जीवाड़े के पीछे सपा उम्मीदवार नीरज मौर्य पर साजिश का आरोप लगाया। उनके मुताबिक वे मुसलमान मतदाताओं को पंगु बनाना चाहते थे। आरोपों के मुताबिक उन्होंने ही फर्जी साइन, फर्जी सिंबल का इस्तेमाल करके फर्जी प्रत्याशी से नामांकन करवाया था।
आंवला लोकसभा सीट का समीकण
आंवला सीट अभी बीजेपी के कब्जे में हैं और पार्टी ने फिर से मौजूदा सांसद धर्मेंद्र कश्यप को ही उतारा है। इस सीट से सपा उम्मीदवार नीरज मौर्य दो बार यहीं की जलालाबाद विधानसभा से बसपा के विधायक रह चुके हैं।
इस सीट पर यादव, मौर्य, कश्यप, ठाकुर और मुसलमानों की बड़ी आबादी है। लेकिन, आंवला सीट पर करीब साढ़े पांच लाख अकेले मुसलमान मतदाता हैं।
ऐसे में सपा और बसपा दोनों इस वोट बैंक को अपनी तरफ करने के लिए जोर लगाए हुए है। अब बसपा की अगली चुनौती ये है कि उसने मुस्लिम उम्मीदवार को तो नामांकन संकट से उबार लिया है। लेकिन, मुस्लिम मतदाताओं के सिर पर भी उसे उठवा पाती है या नहीं!












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