महाराष्ट्र की महा विकास अघाड़ी में बागियों से हड़कंप, चिंतित उद्धव ठाकरे ने सहयोगियों से लगाई ये गुहार!
Maharashtra Lok Sabha Election 2024: महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के सहयोगियों के बीच सीटों का बंटवारा तो किसी तरह से हो गया है, लेकिन कुछ सीटों पर बागी उम्मीदवारों की वजह से गठबंधन में शामिल दलों की हवा खराब हो रही है।
शिवसेना (यूबीटी) नेता उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को कहा है कि यह महा विकास अघाड़ी के सहयोगियों की जिम्मेदारी है कि वे अपनी-अपनी पार्टियों के अंदर बगावत को कंट्रोल करें। ठाकरे की यह प्रतिक्रिया सांगली लोकसभा सीट पर उनकी पार्टी के सामने पैदा हो रही मुश्किलों के बीच आई है।

बागियों पर लगाएं लगाम- उद्धव
सांगली लोकसभा सीट गठबंधन के तहत आखिरकार शिवसेना (यूबीटी) के खाते में गई है। लेकिन, यहां से कांग्रेस के विशाल पाटिल ने भी नामांकन कर दिया है। माना जा रहा है कि उसी से परेशान होकर उद्धव ने सहयोगियों से अपने नेताओं पर लगाम लगाने को कहा है।
उद्धव ठाकरे ने कहा, 'एमवीए पार्टियों ने एक प्रेस कांफ्रेंस करके सीट शेयरिंग समझौते की घोषणा की थी। अब अगर कोई बगावत होती है, तब गठबंधन के सहयोगियों की यह जिम्मेदारी की इसपर रोक लगाएं।'
सांगली में कांग्रेस के स्थानीय नेताओं में मायूसी
गौरतलब है कि सांगली उन लोकसभा सीटों में शामिल है, जिसको लेकर कांग्रेस शुरू से अड़ी हुई थी, लेकिन आखिरकार ठाकरे की पार्टी को यह सीट दे दी गई।
लेकिन, कांग्रेस नेता विशाल पाटिल ने फिर भी यहां से अपना पर्चा भर दिया। कांग्रेस की लोकल यूनिट में पार्टी के इस फैसले को लेकर विरोध नजर आ रहा है। शिवसेना (यूबीटी) ने यहां से पहलवान चंद्रहार पाटिल को टिकट दिया है।
महाराष्ट्र की सभी 48 लोकसभा सीटें जीतने का दावा
शिवसेना-यूबीटी के चुनाव निशान को प्रमोट करने के लिए एक गाना रिलीज करने के बाद आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में उद्धव ने यह भी दावा किया है कि उनका गठबंधन महाराष्ट्र की सभी 48 लोकसभा सीटें जीतने जा रहा है। उन्होंने महा विकास अघाड़ी की ओर से संयुक्त मेनिफेस्टो भी जल्द जारी किए जाने की बात कही है।
उद्धव का बीजेपी पर निशाना
ठाकरे ने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा है कि उनकी पार्टी का चुनाव निशान 'जलती हुई मशाल' देश के कथित निरंकुश शासन को जलाकर भस्म कर देगी। वे बोले, 'महाराष्ट्र के कोने-कोने तक धधकती मशाल का प्रतीक पहुंच गया है। अब जलती मशाल निरंकुश शासन को भस्म कर देगी।'
चुनाव आयोग ने लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 'शिवसेना' का असली नाम और 'धनुष और बाण' का असली चुनाव चिन्ह मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली पार्टी को आवंटित कर दिया है। जबकि, उद्धव ठाकरे गुट को 'शिवसेना-उद्धव बाल ठाकरे' का नाम और 'जलती हुई मशाल' चुनाव चिन्ह आवंटित हुआ है।
उद्धव ने कहा है कि नए चुनाव निशान पर ही उनकी पार्टी ने पिछले साल मुंबई की अंधेरी विधानसभा उपचुनाव में जीत दर्ज की थी। (इनपुट-पीटीआई)












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