दूसरे शहर में नौकरी कर रहे लोगों को अपने घर जाने की इजाजत नहीं होगी: MHA
नई दिल्ली। कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच केंद्र सरकार ने लॉकडाउन को 17 मई तक बढ़ा दिया है। लॉकडाउन का तीसरा चरण कल से यानी कि सोमवार से शुरू हो रहा है, ऐसे में गृह मंत्रालय ने एक स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि लॉकडाउन बढ़ाए जाने का ये आदेश उन व्यक्तियों पर भी लागू होगा जो काम के सिलसिले में अपने मूल स्थान की बजाए दूसरे स्थानों पर रहते हैं। इसके अलावा उन पर भी लॉकडाउन का नियम लागू होगा जो विभिन्न शहरों से अपने मूल शहर के लिए यात्रा करना चहते हैं।

बता दें कि देश में कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या 40 हजार के पार जा चुकी है, वहीं 1300 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। इसी बीच लॉकडाउन बढ़ने से अन्य राज्यों में रहने वाले नौकरीपेशा लोगों की चिंताएं भी बढ़ने लगी हैं। ऐसे में केंद्र सरकार ने उन लोगों को स्पष्ट कहा है कि विभिन्न स्थानों पर काम के सिलसिले में गए लोग 17 मई तक अपने मूल निवास स्थान तक यात्रा नहीं कर सकते।
गृह मंत्रालय ने रविवार को एक स्पष्टीकरण जारी किया जिसमें सरकार की तरफ से साफ-साफ बताया गया है कि लॉकडाउन के दौरान व्यक्तियों की आवाजाही में उन लोगों को शामिल नहीं किया गया है जो काम या उससे संबंधित किसी कारण से दूसरे शहरों में अपने घरों से दूर रह रहे हैं। अगर वे सामान्य कारण से भी अपने घर जाना चाहते हैं तो भी उन्हें इसकी अनुमति नहीं है। केंद्र मे कहा लॉकडाउन में सिर्फ उन्हें ही यात्रा करने की इजाजत है जो मुश्किल हालात में फंसे हुए हैं।
सरकार की तरफ से जारी पत्र में कहा गया कि, लॉकडाउन की वजह से मुश्किल हालत का सामना कर रहे प्रवासी मजदूर और छात्रों को ही अपने घर जाने की इजाजत है। वो भी उन्हें जिनको राज्य अपनी सुविधा के अनुसार वापस बुला रहे हैं। मजदूर और छात्र भी तभी वापस लौट सकते हैं जब उन्हें राज्य सरकार से अनुमति प्राप्त हो यानी वे राज्य सरकार द्वारा किये गये प्रबंध के माध्यम से लौटेंगे।
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