पासवान की मोदी को चिट्ठी- दलितों में गुस्सा, एनजीटी चेयरमैन के पद से जस्टिस गोयल को हटाएं
पासवान की मोदी को चिट्ठी- एनजीटी चेयरमैन को बर्खास्त करें
नई दिल्ली। लोक जनशक्ति पार्टी के सांसद चिराग पासवान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर जस्टिस एके गोयल को एनजीटी के चेयरमैन पद से बर्खास्त करने की मांग की है। जस्टिस गोयल ने एससी/एसटी एक्ट को लेकर फैसला दिया था। इसमें उन्होंने जांच से पहले इस एक्ट के तहत गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। इसको फैसले को लेकर दलितों ने गुस्से का इजहार किया था और 2 अप्रैल को भारत बंद बुलाया था। चिराग पासवान ने अपनी चिट्ठी में कहा है कि दलितों में गोयल को एनजीटी चेयरमैन बनाए जाने को लेकर गुस्सा है और इसको लेकर 9 अगस्त को होने वाला दलितों का विरोध प्रदर्शन 2 अप्रैल से भी ज्यादा आक्रामक होगा।

सरकार के सहयोगी दल लोजपा के सांसद चिराग पासवान ने अनुसूचित जाति और जनजाति के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे खत में कहा है कि 20 मार्च को सुप्रीम कोर्ट के जज एके गोयल ने एससी/एसटी अधिनियम पर फैसला सुनाया गया, जिसको लेकर अनुसूचित जाति और जनजाति समुदाय में असंतोष और आक्रोश हैं। एक बार फिर से अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग ने नौ अगस्त को भारत बंद का आह्वान किया है, जिसको देखते हुए सरकार को इस पर ध्यान देने की जरूरत है।
जस्टिस गोयल की नियुक्ति को लेकर चिराग पासवान के पिता केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान भी सवाल उठा चुके हैं। रामविलास पासवान ने कहा है कि गोयल की नियुक्ति करने से समाज में गलत संदेश गया है और इसको लेकर दलित सांसदों ने चिंता जाहिर की है। सुप्रीम कोर्ट की एके गोयल और यूयू ललित की पीठ ने फैसला दिया था कि एससी-एसटी के तहत कथित उत्पीड़न की शिकायत को लेकर तुरंत गिरफ्तारी नहीं होगी और प्रारंभिक जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। एके गोयल 6 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हुए थे और सरकार ने उसी दिन उन्हें एनजीटी का चेयमैन नियुक्त कर दिया था।












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