मुंबई में नरेंद्र मोदी ने दिया वोट फॉर इंडिया का नारा

नरेंद्र मोदी- आज लाखों लोग संकल्प लेकर महाराष्ट्र की गली-गली पहुंचेंगे। यह मेरा विश्वास है। हम गुजरात वालों के लिये मुंबई एक दूसरा घर है। मुझे लगता है कि मुंबई गुजराती भाषा का मायका है। एक समय दोनों राज्य एक ही थे- वृहद महाराष्ट्र था। अलग हुए और आज महाराष्ट्र बड़ा भाई और गुजरात छोटा भाई।
जब गुजरात अलग हुआ तो लोगों ने कहा कि गुजरात प्रगति कैसे करेगा, प्राकृतिक संपदा नहीं है, एक तरफ रेगिस्तान है तो दूसरी तरफ पाकिस्तान। आज हमने दिखा दिया है कि परिस्थियां कैसे पलटी जा सकती हैं। महाराष्ट्र और गुजरात दोनों ने एक साथ स्वतंत्र राज्य के रूप में शुरुआत की। गुजरात में इस दौरान 14 मुख्यमंत्री बने, महाराष्ट्र में 26 मुख्यमंत्री बने। अब सोचिये यहां की राजनीति कैसी होगी।
हमारी समस्याओं का कारण कम प्राकृतिक संपदा नहीं, बल्कि कांग्रेस शासित सरकारें सबसे बड़ी समस्या हैं। कांग्रेस मुक्त भारत की परिकल्पना करनी होगी। कांग्रेस ने लोगों को लड़ाने का काम किया। गांव से गांव को, शहर से शहर को लड़ाया। नदियों के लिये लड़ाया, पानी के लिये लड़ाया। आज भी कोई प्रदेश नहीं है, जहां पानी को लेकर लड़ाई नहीं होती हो। दिल्ली में बैठी सरकार जाति बिरादियों को लड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही, क्योंकि ऐसा करने से उनकी वोट बैंक की राजनीति सुरक्षित रहती है।

जब तक वोटबैंक की राजनीति खत्म नहीं होगी तब तक विकास नहीं होगा। मैं गुजरात की चर्चा करता हूं, तो लोगों के पेट में दर्द होता है, आज मैं मध्य प्रदेश की बात करूंगा। एक समय में बीमारू राज्य कहा जाने वाला मध्य प्रदेश आज राज्य उस कलंक से मुक्त हो गया। इसका सारा श्रेय शिवराज सिंह चौहान को जाता है। खेती, कृषि आदि के क्षेत्र में ज्यादा प्रगति नहीं होती थी, लेकिन आज सब बदल गया है। अधिकतम भूमि सिंचाई के लिये दी गई।
एक समय में उत्तर प्रदेश, पंजाब धान की खेती में नंबर वन था, आज मध्य प्रदेश में गेहूं और चावल का रिकॉर्ड पैदावार भाजपा शासित राज्य एमपी व छत्तीसगढ़ ने की है। क्या कारण है, महाराष्ट्र में किसान आत्महत्या करने पर मजबूर हैं।
भाजपा के राज में ऐसे दिन नहीं आत हैं। मेरा किसान हमेशा सुखी रहता है। मैं हैरान हूं कि महाराष्ट्र में सरकार कांग्रेस में, दिल्ली में भी कांग्रेस की सरकार। वही लोग जब भाषण देते हैं, तो ऐसा लगता है कि किसी और देश के बारे में बोल रहे हों। कांग्रेस के एक नेता भ्रष्टाचार के खिलाफ भाषण दे रहे थे, इनकी हिम्मत तो देखो। इतना बदनाम होने के बाद भी निर्दोष चेहरा बनाकर भ्रष्टाचार के खिलाफ भाषण देते हैं। आदर्श घोटाले की रिपोर्ट आती है, तो एक तरफ कांग्रेस मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की बात करती है, तो दूसरी ओर दिल्ली में एक नेता भाषण देता है।
कांग्रेस की पूरी जिंदगी संप्रदायवाद में डूबी हुई है। यह कांग्रेस की परंपरा रही है। यूपीए सरकार ने ऐसे 90 जिले छांटे देश में, जहां मुसलमान ज्यादा हैं। हिन्दुस्तान के मुसलमान भाईयों को लगने लगा, कि चलो अब कुछ भला होगा। मैं पूछना चाहूंगा कि पिछले तीन साल में आपने माइनॉरिटी के लिये क्या खर्च हुआ। इसका जवाब हम नहीं खुद सरकार ने संसद में जवाब दिया कि उसमें एक पैसा नहीं खर्च हुआ।
इस रैली में चाय वालों को विशेष न्योता दिया गया है। लेकिन यह परिवर्तन की लहर है। हमारे लिये सिर्फ चाय वाला नहीं, हर गरीब वीआईपी है। कांग्रेस के मित्रों कान खोल करके सुन लो टीवी के परदे पर मोदी हो या नहीं हो, मोदी देश की जनता के दिलों में जगह बना चुका है। कांग्रेसियों आप टीवी पर ताला लगा सकते हो, देशवासियों के दिल पर ताला नहीं डाल सकते।
देश का नौजवान निराशा की गर्त में डूब चुका है। हमारा देश युवाओं का देश कहा जाता है। जो देश युवा हो, वो देश दुनिया में कमाल क्यों नहीं कर सकता। नौजवानों को सम्मान से जीने का अवसर आ गया है। दिल्ली में सरकार नौजवानों के बारे में कोई योजना नहीं बनाता। पूरा विश्वा स्किल डेवलपमेंट पर जोर दे रहा है, लेकिन हमारा देश इस क्षेत्र में कमेटियां बनती हैं, लेकिन तीन-तीन साल तक कमेटियों की मीटिंग तक नहीं होती। हमारे गरीब मजदूर की वैल्यू होनी चाहिये। हमारा मंत्र श्रम एव जयते होना चाहिये।
सरदार सरोवर बांध पिछले पांच साल से गेट का इंतजार कर रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री परमीशन नहीं दे रहे हैं। अगर दिल्ली की सरकार परमीशन दे दें, तो सरदार सरोवर बांध से महाराष्ट्र को मु्फ्त में 400 करोड़ रुपए की बिजली हर साल मिल सकती है। हम देने को तैयार हैं, लेकिन इन्हें लेने की फुरसत नहीं। सुशासन नहीं मिला, वरना इसी महाराष्ट्र की धरती से लोकमान्य तिलक ने स्वराज मेरा जन्म सिद्ध अधिकार के नारे से देश की जंग को आगे बढ़ाया। तब स्वराज हमारा अधिकार था, आज सुराज हमारा अधिकार है।
दिल्ली की सरकार आईएनएस विक्रांत के टुकड़े टुकड़े करके बांटने की तैयारी कर रहे हैं, हम गुजरात के लोग देश भर से लोहा इकठ्ठा कर सरदार की मूर्ति बना रहे हैं।
फिल्म इंडस्ट्री पर बात करें तो अगर महाराष्ट्र की सरकार ने फिल्म इंडस्ट्री की शताब्दी मनाने के लिये कोई प्रयास किये होते, तो दिशा कुछ और होती। क्या देश में फिल्म यूनिवर्सिटी नहीं होनी चाहिये। लेकिन इन वोटबैंक की राजनीति करने वाले लोगों ने इतना बड़ा अवसर खो दिया। भाईयों अब तक चुनावों में दल के लिये वोट मांगे गये, आज मैं चाहता हूं कि लोग दल नहीं देश के लिये वोट मांगें। वोट फॉर इंडिया।
वंशवाद से मुक्ति के लिये वोट फॉर इंडिया
भ्रष्टाचार से मुक्ति के लिये वोट फॉर इंडिया
महंगाई से से मुक्ति के लिये वोट फॉर इंडिया
भाई भतीजावाद से मुक्ति के लिये वोट फॉर इंडिया
कुशासन से मुक्ति के लिये वोट फॉर इंडिया
भारत की एकता के लिये वोट फॉर इंडिया
एक बार सव्च्छ भारत के लिये वोट फॉर इंडिया
सुराज की राजनीति के लिये वोट फॉर इंडिया
सुशासन की राजनीति के लिये वोट फॉर इंडिया
विकास की राजनीति के लिये वोट फॉर इंडिया
देश की रक्षा के लिये वोट फॉर इंडिया
जनजन की सुरक्षा के लिये वोट फॉर इंडिया
रहने को मकान के लिये वोट फॉर इंडिया
खाने को अन्न के लिये वोट फॉर इंडिया
बीमार की दवाई के लिये वोट फॉर इंडिया
दरिद्र की भलाई के लिये वोट फॉर इंडिया
शिक्षा में सुधार के लिये वोट फॉर इंडिया
युवाओं को रोजगार के लिये वोट फॉर इंडिया
महिलाआं के सम्मान के लिये वोट फॉर इंडिया
शक्तिशाली भारत के लिये वोट फॉर इंडिया
किसान की खुशी के लिये वोट फॉर इंडिया
भारत माता की जय
राजनाथ सिंह- सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री कहते हैं कि हमारे पास जादू की छड़ी नहीं है, जो महंगाई को रोक दे। अगर नहीं है, तो आप अटल बिहारी वाजपेयी के घर जाइये और उनसे मांगिये जादू की छड़ी। लेकिन वहां भी वो छड़ी मिलेगी नहीं, क्योंकि अटल जी ने वह छड़ी अब नरेंद्र मोदी को दे दी है।
हमारी लड़ाई किसी व्यक्ति या पार्टी से नहीं, हमारी लड़ाई महंगाई से है, बेरोजगारी से है, खराब स्वास्थ्य सेवाओं से है, आतंकवाद से है। अब हमें रुपये को मजबूत करने का समय आ गया है, जिसके लिये भाजपा पूरी तरह संकल्पबद्ध है। भ्रष्टाचार यदि होता रहा, तो सारे विकास राक्षसी विकास होगा। मानवीय विकास केवल ईमानदारी के साथ हो सकता है। महाराष्ट्र की सरकार ने कितने घोटाले किये सब जानते हैं।
लोकपाल का श्रेय लेने वाली कांग्रेस सरकार खुद भ्रष्टाचार में डूबी है। कांग्रेस भूल गई कि अटल बिहारी वाजपेयी ने संसद से अपील की थी कि अगर प्रधानमंत्री पर कोई आरोप लगे, तो उसकी जांच कौन करेगा। इसलिये लोकसभा बिल जरूरी है। आज कांग्रेस उसका श्रेय ले रही है। मैं इसके लिये श्रेय देना चाहता हूं, लेकिन सिर्फ और सिर्फ अन्ना हजारे को।
नितिन गडकरी- महाराष्ट्र और केंद्र में कांग्रेस सरकार ने जनता के पैसे को लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अब कांग्रेस को हम यह अत्याचार करने नहीं देंगे।
रैली में कम से कम 5 लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। रैली के लिए भाजपा ने 12 हजार गाड़ियों की व्यवस्था की है। यही नहीं 21 ट्रेनों से देश के अलग-अलग शहरों से चाय वाले मुंबई पहुंचे हैं। मुंबई का एमएमआरडीए मैदान खचाखच भर चुका है। नरेंद्र मोदी भी मुंबई पहुंच चुके हैं। उनके साथ पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह भी हैं। रैली स्थल पर हर जगह मोदी और राजनाथ के बड़े-बड़े होर्डिंग लगे हुए हैं। हालांकि अटल विहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी पोस्टरों से नदारद हैं।
यह रैलद मायने में खास है क्योंकि एक समय मोदी भी चाय बेचते थे और आज बीजेपी के पीएम उम्मीदवार के मुकाम तक पहुंचे हैं। बता दें कि मुंबई में बीजेपी-शिवसेना पूरी तरह साफ है और यहां की सभी 6 लोकसभा सीटों पर कांग्रेस-एनसीपी का कब्जा है। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बीजेपी के लिए ये 6 सीटें बेहद अहम हैं।












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