गोपीनाथ मुंडे से पहले भी कई दिग्गज नेता हो चुके हैं हादसों के शिकार: देखें तस्वीरें
नयी दिल्ली (ब्यूरो)। केंद्रीय मंत्री गोपीनाथ मुंडे की आज सुबह दिल्ली में एक सड़क हादसे में मौत हो गई। सुबह मुंबई जाते वक्त उनकी कार को एक तेज रफ्तार कार ने मोती बाग में टक्कर मार दी। उन्हें तुरंत एम्स के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया मगर काफी कोशिश के बाद डॉक्टर उन्हें नहीं बचा पाए। उनकी मौत की खबर के बाद उनके परिवार और बीजेपी समेत तमाम राजनीतिक दलों में शोक की लहर फैल गई।
इस वक्त उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए बीजेपी दफ्तर में रखा गया है। प्रधानमंत्री समेत कई राजनीतिक हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजिल दी। भारत में यह कोई पहली वाक्या नहीं जब सड़क पर रफ्तार से दौड़ रही गाडियां और आसमान में उड़ रहे उड़नखटोले ने राजनैतिक गलियारे के किसी महत्वपूर्ण कड़ी को अपनी चपेट में लिया हो। तो आईए आज उन हादसों पर नजर डालते हैं जिसमें देश ने महान नेता को खो दिया।

संजय गांधी
23 जनवरी 1980 को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पुत्र संजय गांधी दिल्ली फ्लाइंग क्लब का नया विमान उड़ा रहे थे। कलाबाजी के दौरान सफदरजंग एयरपोर्ट के पास विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिसमें उनकी मौत हो गई।

माधवराव सिंधिया
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री माधवराव सिंधिया की 30 सितंबर 2001 को हवाई हादसे में मौत हो गई। दुर्घटना उस वक्त हुई जब सिंधिया यूपी के कानपुर में रैली को संबोधित करने जा रहे थे। प्राइवेट प्लेन मैनपुरी के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इसमें सिंधिया के अलावा छह और लोगों की मौत हुई थी। सिंधिया ने दिल्ली से 10 सीटर सी-90 प्लेन में उड़ान भरी थी।

जीएमसी बालयोगी
लोकसभा अध्यक्ष और टीडीपी नेता जीएमसी बालयोगी की 3 मार्च 2002 को हेलीकॉप्टर हादसे में मौत हो गई। बालयोगी की मौत उस वक्त हुई जब उन्हें ले जा रहा निजी हेलीकॉप्टर आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले के कोव्वाडलनका गांव में इमरजेंसी लैण्डिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में बालयोगी के एसी सतीश राजू और पायलट जीवी मेनन की भी मौत हो गई।

ओपी जिंदल और सुरेन्द्र सिंह
31 मार्च 2005 को हेलीकॉप्टर हादसे में हरियाणा के तत्कालीन ऊर्जा मंत्री और कृषि मंत्री सुरेन्द्र सिंह की मौत हो गई। तकनीकी गड़बड़ी के कारण हेलीकॉप्टर यूपी के सहारनपुर के पास क्रैश हो गया।

वाई एस राजशेखर रेड्डी
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस राजशेखर रेड्डी की उस वक्त मौत हो गई जब बेल 430 हेलीकॉप्टर घने जंगली इलाके में क्रैश हो गया था। दुर्घटना 3 सितंबर 2009 की है। रेड्डी चित्तूर जिले के एक गांव जा रहे थे। हेलीकॉप्टर में रेड्डी के अलावा उनके स्टाफ के दो सदस्य और दो पायलट सवार थे। रेड्डी ने अपने सचिव और मुख्य सुरक्षा अधिकारी के साथ हैदराबाद से 8.35 बजे छह सीटों वाले बेल हेलीकॉप्टर से उड़ान भरी थी। नक्सल प्रभावित नलामल्ला के जंगलों में काफी बारिश हो रही थी। 9.27 बजे के बाद हेलीकॉप्टर से रेडियो संपर्क खत्म हो गया और हेलीकॉप्टर गायब हो गया। हेलीकॉप्टर के गायब होने के 27 घंटे बाद रेड्डी का शव मिला था।

ज्ञानी जेल सिंह
25 दिसंबर 1994 को भारत के सातवें राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह का निधन हो गया। वे 29 नवंबर 1994 को सड़क दुर्घटना का शिकार हुए थे। यह दुर्घटना आनंदपुर साहिब जाते वक्त हुई।

साहिब सिंह वर्मा
30 जून 2007 को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री रहे साहिब सिंह वर्मा की सड़क हादसे में मौत हो गई। जयपुर-दिल्ली हाइवे पर शाहजहांपुर में उनके वाहन टाटा सफारी की ट्रक से भिड़ंत हो गई थी। दुर्घटना उस वक्त हुई जब साहिब सिंह वर्मा सीकर से दिल्ली जा रहे थे। हादसे में तीन और लोगों की मौत हुई थी।

राजेश पायलट
11 जून 2000 को राजस्थान में सड़क हादसे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेश पायलट की मौत हो गई। सड़क दुर्घटना उनके संसदीय क्षेत्र दौसा के भंडाना में हुई थी। 57 वर्षीय पायलट ड्राइवर सीट पर बैठे हुए थे। उनकी कार की राजस्थान पथ परिवहन निगम की बस से भिड़ंत हो गई। हादसे में पायलट गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। 45 मिनट के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

दोरजी खांडू
अरूणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री दोरजी खांडू की 30 अप्रेल 2011 को हेलीकॉप्टर हादसे में मौत हो गई। खांडू और चार अन्य लोगों को तवांग से इटानगर ले जा रहा हेलीकॉप्टर घने जंगली इलाके में क्रैश हो गया। उड़ान भरने के 20 मिनट बाद ही हेलीकॉप्टर से संपर्क टूट गया था। उस वक्त हेलीकॉप्टर समुद्री स्तर से 13 हजार फीट की ऊंचाई पर था।












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