Pradyuman Murder Case:आरुषि केस में जिन्होंने बचाया तलवार को वहीं लड़ेंगे नाबालिग का केस
नई दिल्ली। आरुषि हत्याकांड मामले में तलवार दंपति के वकील तनवीर अहमद मीर अब रेयान इंटरनेशनल स्कूल में प्रद्युम्न हत्याकांड मामले में नाबालिग आरोपी छात्र की कोर्ट में पैरवी करेंगे। मीर ने बताया कि मैंने आरोपी छात्र के परिवार से बात की है, जिसके बाद इस बात की पूरी संभावन है कि मैं इस केस को लड़ुंगा। उन्होंने बताया कि आरोपी छात्र के पिता भी एक वकील हैं और उन्होंने एक अन्य वकील की मदद से मुझसे संपर्क किया था।

सीबीआई के कोर्ट में आने का इंतजार
मीर ने कहा कि अभी यह कहना जल्दी है कि इस मामले में क्या होगा, क्योंकि आरोपी छात्र के खिलाफ सीबीआई ने अभी तक अपना पक्ष कोर्ट में नहीं रखा है। हम पहले इस बात पर बहस करेंगे कि क्या इस मामले को आरोपी को बाल अपराधी माना जाएगा या फिर संशोधित कानून के अनुसार उसे वयस्क माना जाएगा। मीर ने कहा कि हम इस बात पर भी बहस करेंगे कि नाबालिग बच्चों के मामले में अंतरराष्ट्रीय कंवेशन के अनुसार चलाया जाए क्योंकि भारत भी इस कंवेंशन का हिस्सा है। सीबीआई सूत्रों की मानें तो उन्हें इस बात की कोई परवाह नहीं है कि बचाव पक्ष का वकील कौन है।
सीबीआई को अपनी जांच पर भरोसा
सीबीआई सूत्रों की मानें तो उसका कहना है कि बचाव पक्ष किस वकील को लेता है यह उनका अधिकार है, लेकिन हम अपनी जांच को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त हैं। आपको बता दें कि सात साल का प्रद्युम्न ठाकुर गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल मे दूसरी कक्षा का छात्र था, जहां 8 सितंबर को उसकी गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। मामले की जांच के बाद हरियाणा पुलिस ने दावा किया था कि बस कंडक्टर अशोक कुमार इस हत्या का दोषी है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। लेकिन इस मामले में सीबीआई ने बड़ा खुलासा करते हुए स्कूल में पढ़ने वाले 11वीं कक्षा के छात्र को आरोपी बताया, सीबीआई के अनुसार परीक्षा की तारीख को टालने के लिए छात्र ने इस हत्या को अंजाम दिया था।
सीबीआई पर खड़े किए सवाल
मीर का कहना है कि सीबीआई ने हत्या की जो वजह बताई है वह तार्किक नहीं लगती है, हमे इस बात को भी देखना होगा कि एजेंसी के पास किस तरह के फॉरेंसिक सबूत हैं। सीबीआई का कहना है कि वह सीसीटीवी पर बहुत हद तक निर्भर है। सीबीआई सीसीटीवी फुटेज पर निर्भर है, लेकिन सीसीटीवी फुटेज में बहुत सारे लोग हैं। इस बात का जवाब सीबीआई कैसे देगी कि बस कंडक्टर और आरोपी छात्र एक ही समय बाथरूम में हो, अगर ऐसा था तो दोनों ने एक दूसरे को देखने के बाद को शोर क्यों नहीं किया।
पिता को मीर पर है भरोसा
सीबीआई पर निशाना साधते हुए मीर ने कहा कि ऐसा लगता है कि सीबीआई एक बार फिर से वही गलती करक रही है जो उसने आरुषि-हेमराज के मामले में की थी। अगर कोई जमानत पर बाहर है तो इसका मतलब यह नहीं है कि वह निर्दोष है, या फिर कोई हिरासत में है तो इसका मतलब यह नहीं है कि वह दोषी है। मैं गुड़गांव पुलिस की जांच पर कुछ नहीं कहना चाहता हूं, लेकिन ऐसा लगता है कि सीबीआई एक बार फिर से आरुषि हत्याकांड वाली गलती दोहरा रही है। वहीं आरोपी छात्र के पिता ने मीर का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि मुझे इस बात का भरोसा है कि मीर मेरे बेटे को इंसाफ दिलाएंगे, उन लोगों ने मेरे बेटे को पीटा है और उसे जबरन फंसाया है।












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