लालू यादव का एक दामाद समर्थन में तो दूसरा उनका कट्टर विरोधी
पटना (मुकुंद सिंह)। राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के सामने बड़ा धर्म संकट खड़ा है। एक तरफ छोटे दामाद तो दूसरी तरफ बड़े दामाद, एक समर्थक तो दूसरा कट्टर विरोधी। जी हां लालू के एक दामाद चिरंजीवी राव के हाथों में पार्टी की चुनावी कमान है, तो दूसरे दामाद सांसद तेज प्रताप यादव उनके विरोधी के रूप में एंटी खड़े हैं।
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असल में लालू प्रसाद यादव ने तेजस्वी और तेज प्रताप सिंह को जनसंपर्क पर फोकस करने को कहा है और चुनाव की कमान अपने दामाद और हरियाणा में कांग्रेस के महासचिव चिरंजीवी राव को सौंप दी है।
आपको बता दें कि दो साल पहले राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू यादव ने अपनी छठी बेटी अनुष्का की शादी हरियाणा के ऊर्जा मंत्री कप्तान अजय सिंह के बेटे चिरंजीवी राव से की थी। चिरंजीवी यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं और कांग्रेस के लिए भी बहुत काम किया है। इतना ही नहीं हरियाणा चुनावों में अपने पिता अजय सिंह यादव के प्रचार की भी कमान संभाली थी।
पार्टी ने तेज़ प्रताप को महुआ और तेज़स्वी को राघोपुर से चुनाव मैदान में उतारा है। राघोपुर सीट आरजेडी की पारंपरिक सीट मानी जाती है। इस सीट से लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी भी विधायक रह चुकी हैं।
विरोधी दामाद
वहीं मैनपुरी (यूपी) से समाजवादी पार्टी के सांसद तेज प्रताप यादव अपने साले व राजद के युवा नेता तेज प्रताप यादव व तेजस्वी यादव के खिलाफ चुनाव प्रचार करेंगे। यह सब इसलिये हो रहा है, क्योंकि महागठबंधन में मुलायम सिंह यादव को वो सम्मान नहीं मिला, जिसकी अपेक्षा सबको थी। सपा के उम्मीदवारों के लिये चुनाव प्रचार करने के लिये उन्हें बिहार भेजा जा रहा है। जाहिर है सपा उम्मीदवारों के लिये वोट मांगते वक्त वो अपनी ही ससुराल पार्टी राजद के विरुद्ध जहर जरूर उगलेंगे। इस संबंध में तेजप्रताप यादव ने भी अपनी सहमति दे दी है।













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