लखीमपुर खीरी केस: भाजपा कार्यकर्ता की विधवा ने SC में की CBI जांच की मांग, कहा- एसआईटी पर भरोसा नहीं
नई दिल्ली, 8 नवंबर: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में 3 अक्टूबर को हुई हिंसा में मारे गए भाजपा कार्यकर्ता श्याम सुंदर की विधवा रूबी देवी ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान सोमवार को रूबी ने भी अपनी बात रखी। रूबी देवी की ओर से पेश हुए सीनियर वकील अरुण भारद्वाज ने कहा कि सुंदर के परिवार को यूपी एसआईटी की जांच पर भरोस नहीं है, वो मामले की सीबीआई जांच चाहता है।

रूबी देवी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में मामले की उचित जांच की मांग की गई है। सीनियर वकील अरुण भारद्वाज ने मामले की सुनवाई कर रही बेंच को एक तस्वीर दिखाते हुए कहा कि श्याम सुंदर को बुलेट प्रूफ जैकेट पहने पुलिसकर्मियों के साथ तस्वीर में देखा जा सकता है। मेरे पास उसकी हत्या से पहले की तस्वीर है। वह पुलिसकर्मियों के साथ था और उसके पास एके 47 राइफल के साथ बुलेट प्रूफ जैकेट थी। मैंने 15 दिन पहले उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त महाधिवक्ता को तस्वीर ईमेल की थी लेकिन कुछ नहीं किया गया।
बेंच ने भारद्वाज को यह कहते हुए तस्वीर दिखाने से परहेज करने को कहा कि अदालत मामले की जांच नहीं कर रही है। भारद्वाज ने कहा कि एसआईटी ने तस्वीर में दिख रहे पुलिसकर्मियों के मोबाइल फोन जांच के लिए नहीं मंगवाए है। ऐसे में कैसे उत्तर प्रदेश की इस एसआईटी पर भरोसा किया जा सकता है। हम इसमें सीबीआई चाहते हैं। भारद्वाज ने यह भी कहा कि श्याम सुंदर की हत्या के मामले में गवाहों को सुरक्षा नहीं दी जा रही है। मामले में पीठ ने कहा कि सीबीआई हर एक मुश्किल का हल नहीं हो सकती है। मामले में जांच ठीक से हो, इसके लिए हम एक रिटायर जज की नियुक्ति करने की सोच रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को 12 नवंबर तक के लिए टाल दिया है।
उत्तर प्रदेश सरकार से नाखुश दिखी अदालत
भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमन्ना, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार के वकील से कहा कि मामले की जांच उस तरह से नहीं हो रही है जैसी हमने उम्मीद की थी। पीठ ने वीडियो साक्ष्य के संबंध में फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट अभी तक नहीं आने और सभी आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त नहीं किए जाने को लेकर भी यूपी सरकार को फटकारा है।












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