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लद्दाख का सीमावर्ती पहाड़ हो या पूर्वोत्तर का दूरगामी गांव, हर जगह होगी हाई-स्पीड कनेक्टिविटी: सिंधिया

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से दूर पूर्वोत्तर के इस हरे-भरे राज्य असम की धरती पर आज एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना। केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुवाहाटी में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ओडिशा के झारसुगुड़ा से किए गए स्वदेशी 4जी स्टैक और 1 लाख स्वदेशी बीएसएनएल टॉवर के लोकार्पण को 'आत्मनिर्भर भारत' की नई ऊंचाई बताया।

इस लॉन्च के साथ भारत ने फिनलैंड, स्वीडन, दक्षिण कोरिया और चीन जैसे चुनिंदा देशों के क्लब में प्रवेश कर लिया है, जहां स्वदेशी टेलीकॉम उपकरण निर्माण की क्षमता मौजूद है। सिंधिया ने कहा कि यह न केवल डिजिटल इंडिया का सपना साकार करेगा, बल्कि देश के हर कोने - चाहे लद्दाख का बर्फीला पहाड़ हो या पूर्वोत्तर का सबसे दूरस्थ गांव - को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ देगा। समारोह में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा भी उपस्थित रहे, और पूरे देश में एक साथ लाइव प्रसारण के जरिए लाखों लोग जुड़े।

Ladakh village in Northeast will have high-speed connectivity everywhere Jyotiraditya Scindia

स्वदेशी 4जी स्टैक का लोकार्पण: भारत का टेलीकॉम क्षेत्र में वैश्विक कदम

प्रधानमंत्री मोदी ने ओडिशा के झारसुगुड़ा से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश भर में लगभग 98,000 साइट्स पर तैनात स्वदेशी 4जी स्टैक का उद्घाटन किया। यह स्टैक पूरी तरह भारतीय है - रेडियो एक्सेस नेटवर्क (RAN) तेजस नेटवर्क्स द्वारा विकसित, कोर नेटवर्क सी-डॉट (सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमेटिक्स) द्वारा तैयार, और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) द्वारा इंटीग्रेटेड। सिंधिया ने बताया कि यह क्लाउड-बेस्ड, सॉफ्टवेयर-ड्रिवन तकनीक 5जी में अपग्रेड करने योग्य है, और पहले ही 22 मिलियन ग्राहकों को सेवा दे रही है।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा, "यह ऐतिहासिक दिन है - न केवल बीएसएनएल के लिए, न केवल टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए, बल्कि पूरे भारत और विश्व के लिए। मात्र 22 महीनों में विकसित यह स्टैक आत्मनिर्भर भारत की मिसाल है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि डिजिटल भारत निधि (DBN) योजना के तहत 29,000 से अधिक गांवों को कवर किया गया है, और कुल 97,500 स्वदेशी बीएसएनएल टॉवर लगाए गए हैं, जिनकी लागत 37,284 करोड़ रुपये है। ये टावर रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और बीएसएनएल द्वारा स्थापित किए गए हैं, जो 26,700 असंबद्ध गांवों, सीमावर्ती क्षेत्रों और लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म प्रभावित जिलों को जोड़ेंगे।

गुवाहाटी के समारोह में सिंधिया ने असम के युवाओं और बुनकरों को संबोधित करते हुए कहा, "यह कनेक्टिविटी 2 मिलियन नए ग्राहकों को ई-गवर्नेंस, डिजिटल पेमेंट, ऑनलाइन एजुकेशन और टेलीमेडिसिन जैसी सुविधाएं प्रदान करेगी।" कार्यक्रम में पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए, जो इस पहल को क्षेत्रीय विकास का मील का पत्थर बता रहे हैं।

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हर कोने में 100% सैचरेशन: वाइब्रेंट विलेज से लद्दाख तक कवरेज

सिंधिया ने स्पष्ट किया कि डिजिटल इंडिया का लक्ष्य 6 लाख 40 हजार गांवों में 100% मोबाइल नेटवर्क सैचरेशन हासिल करना है। उन्होंने कहा, "चाहे उत्तर पूर्वी राज्य का पहला गांव हो, वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का गांव हो या लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म के जिले हों, चाहे द्वीप हों या जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल और उत्तराखंड के गांव हों - सभी को हाई-स्पीड इंटरनेट से कनेक्ट किया जाएगा।"

यह पहल विशेष रूप से सीमावर्ती और असुरक्षित क्षेत्रों पर केंद्रित है। उदाहरण के लिए, लद्दाख के ऊंचे पहाड़ों और अरुणाचल प्रदेश के दूरदराज गांवों में अब 4जी सिग्नल मिलेगा, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक विकास को मजबूत करेगा। सिंधिया ने बताया कि बीएसएनएल को असंबद्ध गांवों को कवर करने के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसमें 4जी सैचुरेशन स्कीम शामिल है। "कोई भी हिस्सा अछूता नहीं रहेगा," उन्होंने जोर देकर कहा।
असम के संदर्भ में, मंत्री ने कहा कि राज्य के युवा अब इंटरनेट के माध्यम से विश्व स्तर पर ज्ञान प्राप्त कर सकेंगे, जबकि अरुणाचल के बुनकर वैश्विक बाजार से जुड़ पाएंगे। किसान मंडी से सीधे लिंक हो सकेंगे, और मरीजों को एक क्लिक पर डॉक्टर की सलाह मिलेगी।

जीवन सेतु के रूप में कनेक्टिविटी: आर्थिक और सामाजिक लाभ

सिंधिया ने इस टेलीकॉम कनेक्टिविटी को "जीवन सेतु" करार दिया, जो न केवल तकनीकी क्रांति लाएगा बल्कि सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देगा। उन्होंने गिनाए दूरगामी लाभ:

युवाओं के लिए: असम का एक छात्र अब ऑनलाइन कोर्सेस से हार्वर्ड या आईआईटी के लेक्चर्स सुन सकेगा।
कारीगरों के लिए: अरुणाचल के बुनकर अपनी हस्तकला को अमेजन या ईबे पर बेच सकेंगे, जिससे आय में वृद्धि होगी।
किसानों के लिए: उत्तराखंड का अन्नदाता रीयल-टाइम मंडी रेट्स चेक कर सही दाम पर फसल बेच सकेगा।
स्वास्थ्य के लिए: हिमाचल के दूरस्थ गांव में रहने वाला मरीज वीडियो कॉल पर विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श ले सकेगा।

मंत्री ने कहा, "यह कनेक्टिविटी डिजिटल डिवाइड को समाप्त करेगी और भारत को वैश्विक टेलीकॉम लीडर बनाएगी।" उन्होंने बीएसएनएल के भविष्य पर भी प्रकाश डाला, जहां 25,000 करोड़ रुपये के कैपिटल एक्सपेंडिचर से साइट्स बढ़ेंगी और इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडर्नाइज होगा।

प्रतिक्रियाएं: पूर्वोत्तर से लेकर दिल्ली तक उत्साह

गुवाहाटी समारोह में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, "यह पूर्वोत्तर के लिए वरदान है। अब हमारे युवा और किसान डिजिटल अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनेंगे।" सोशल मीडिया पर #Swadeshi4G और #DigitalIndia ट्रेंड कर रहा है, जहां यूजर्स ने इसे "आत्मनिर्भरता की जीत" बताया। एक पूर्वोत्तर यूजर ने ट्वीट किया, "अब लद्दाख से गुवाहाटी तक एक क्लिक दूर!"

विपक्ष ने भी सराहना की, हालांकि कुछ ने पूछा कि प्राइवेट सेक्टर की तुलना में बीएसएनएल की स्पीड कब सुधरेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह लॉन्च टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग को बूस्ट देगा, और 2026 तक 5जी रोलआउट आसान होगा।

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