Ladakh की 17,000 फीट ऊंचाई पर फंसे दो विदेशी, भारतीय सेना ने रात के अंधेरे में ऐसे बचाया
Indian Army foreign nationals rescue in Ladakh: भारतीय सेना ने एक बार फिर से बहादूरी का परिचय देते हुए लद्दाख की बर्फीली चोटी पर फंसे दो विदेशी नागरिकों को रात के अंधेरे में बचा लिया। दक्षिण कोरिया के ह्यून वू किम और उनकी पत्नी कोंगमारुला दर्रे में 17,000 फीट की ऊंचाई पर फंसे थे।
जैसे ही सेना को आपातकालीन संदेश मिला, फायर एंड फ्यूरी कोर की आर्मी एविएशन यूनिट ने तुरंत साहसिक ऑपरेशन शुरू कर दिया। कठिन मौसम, बर्फीली चोटी और अंधेरा सबकुछ था, लेकिन सेना ने नाइट विजन हेलीकॉप्टर से सटीक लैंडिंग करते हुए दोनों नागरिकों को सुरक्षित निकालकर फिर से बहादुरी का लोहा मनवाया।

17,000 फीट की ऊंचाई पर खतरनाक रेस्क्यू
विदेशी दंपति लद्दाख के दुर्गम कोंगमारुला दर्रे में फंसे हुए थे। यह इलाका 17,000 फीट की ऊंचाई पर बर्फ से ढका और चारों ओर खतरनाक शिखरों से घिरा हुआ है। कोई तैयार हेलीपैड नहीं था, और रात का अंधेरा ऑपरेशन को और भी चुनौतीपूर्ण बना रहा था। मौसम की अनियमितता और बर्फीली चोटी की वजह से पायलटों को अपने अद्भुत उड़ान कौशल और अनुभव का पूरा इस्तेमाल करना पड़ा। इसके बावजूद सेना ने साहस और तेज़ी से कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन को सफलता तक पहुंचाया।
Indian Army Humanitarian Assistance: Ladakh
On 04 Sep 2025, during a mountaineering expedition, two South Korean nationals fell critically ill near Kongmarula, an isolated peak of Ladakh.
Army Aviation helicopters of Fire & Fury Corps executed a night Casualty Evacuation from… pic.twitter.com/10tJSvsia7
— @firefurycorps_IA (@firefurycorps) September 5, 2025
नाइट विजन गॉगल्स की मदद से सुरक्षित लैंडिंग
रात को आपातकालीन संदेश मिलने के तुरंत बाद फायर एंड फ्यूरी कोर की आर्मी एविएशन यूनिट ने हेलीकॉप्टर रवाना किया। अंधेरे और बर्फीली परिस्थितियों में भी पायलटों ने नाइट विजन गॉगल्स की मदद से सुरक्षित लैंडिंग की। बचाव टीम ने तुरंत कार्रवाई की और विदेशी दंपति को हेलीकॉप्टर में सुरक्षित स्थानांतरित किया।
हेलीकॉप्टर में ही इलाज शुरू
सेना ने न केवल हवाई बचाव किया बल्कि सुरक्षा और प्राथमिक चिकित्सा की भी व्यवस्था की। हेलीकॉप्टर में दोनों नागरिकों को तुरंत चिकित्सकों के हवाले किया गया। ऑपरेशन में टीम ने अत्याधुनिक तकनीक, अनुभव और साहस का बेहतरीन प्रदर्शन किया। यह मिशन भारतीय सेना की कुशलता और तत्परता का जीवंत उदाहरण है।
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सुरक्षित अस्पताल में भर्ती
बचाव के बाद ह्यून वू किम और उनकी पत्नी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनका स्वास्थ्य फिलहाल स्थिर है। सेना की तत्परता और साहसिक ऑपरेशन ने यह साबित कर दिया कि कठिन परिस्थितियों में भी भारतीय सेना नागरिकों की जान बचाने में सक्षम है।












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