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KYC की वजह से घट रहे डिजिटल वॉलेट यूजर, पढ़िए पूरी खबर

By Vikashraj Tiwari
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    नई दिल्ली। KYC नियमों के कारण डिजिटल वॉलेट का इस्तेमाल घट रहा है और कंपनियों को नुकसान भी हुआ है। आरबीआई ने फैसला लिया था कि 1 मार्च 2018 के बाद जिन मोबाइल वॉलेट्स यूजर्स ने अपना KYC पूरा नहीं किया वो वॉलेट्स का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। इस प्रक्रिया के पूरे ना होने पर वॉलेट यूजर्स वॉलेट में पैसे एड नहीं कर पाएंगे। इससे वॉलेट ट्रांजैक्शन में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। अमेजन इंडिया ने घोषणा की है की अमेजन पे पर उनकी 95 प्रतिशत ट्रांजैक्शंस खत्म हो गई हैं।

    KYC की प्रक्रिया से डिजिटल इण्डिया को नुकसान हो रहा

    KYC की प्रक्रिया से डिजिटल इण्डिया को नुकसान हो रहा

    खबरों की मानें तो इससे ट्रांजेक्शन में 95 फीसद का नुकसान देखने को मिला है। KYC की प्रक्रिया से डिजिटल इण्डिया को नुकसान हो रहा है। दरअसल यूजर्स KYC के कड़े नियमों से अब उकता चुका है। फोन, ड्राइविंग लाइसेंस, बैंक अकाउंट, पैन कार्ड, रेल टिकट और अब मोबाइल वॉलेट को भी आधार या KYC से लिंक करना होगा। ऐसा प्रतीत हो रहा है की यूजर्स अब KYC से जुड़े मामले से तंग आ चुके हैं।

     80 प्रतिशत वॉलेट यूजर्स पर प्रभाव पड़ेगा

    80 प्रतिशत वॉलेट यूजर्स पर प्रभाव पड़ेगा

    अमेजन के एक प्रतिनिधि ने बताया कि कैश लोड 95 प्रतिशत तक घट गया है। इसका मतलब यह है की डिजिटल पेमेंट का अपनाने की प्रक्रिया कम हो जाएगी। हम ऐसे उपभोक्ताओं को संलग्न करने में विफल हो रहे हैं जो इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल नहीं करते हैं। हमने पहले ही बताया है की KYC के कड़े नियमों के कारण भारत में 80 प्रतिशत वॉलेट यूजर्स पर प्रभाव पड़ेगा।

    क्या है KYC?

    क्या है KYC?

    केवार्इसी बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में प्रयुक्त होने वाला एक लोकप्रिय शब्द है। अपने ग्राहक की पहचान से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए केवार्इसी विधि का प्रयोग किया जाता है। इस विधि से वित्तीय संस्थाएं सूचनाओं का संग्रह करते हैं, जिसके आधार पर ग्राहक की पहचान और उसके पत्ते की सही जानकारी प्राप्त की जाती है। भारत सरकार ने व्यक्ति की पहचान लिए 6 प्रकार के दस्तावेजों को केवार्इसी के लिए प्रमाणित कर्यालयी दस्तावेज के रुप में विज्ञापित किया है, जिन्हें व्यक्ति की पहचान के रुप में प्रमाण माना गया है। यदि आपने एक बार केवार्इसी डॉक्युमेंट बैंक में दे दिए हैं, फिर भी बैंक दोबारा आपकी पहचान सुनिश्चित करने के लिए एक समयावधि के पश्चात केवार्इसी रिकार्ड को अपडेट करने के लिए इन दस्तावेजों को मांग सकता है।

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    English summary
    KYC Rules Driving Away Mobile Wallets Users; Firms Report 95% Loss In Transactions!

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