जानिए कौन हैं कुमारी शैलजा जिन्हें अशोक तंवर की जगह बनाया गया हरियाणा कांग्रेस का अध्यक्ष
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चंडीगढ़: हरियाणा कांग्रेस में बुधवार को विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा फेरबदल किया गया। कुमारी शैलजा को पार्टी ने अशोक तंवर की जगह हरियाणा का नया कांग्रेस अध्यक्ष बनाया है। कुमारी शैलजा को सोनिया गांधी के करीबी नेताओं में गिना जाता है। शैलजा पार्टी की बडा दलित चेहरा है। वहीं हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को कांग्रेस विधायक दल का नेता और राज्य चुनाव समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

कुमारी शैलजा को मिली बड़ी जिम्मेदारी
कुमारी शैलजा को पार्टी ने विधानसभा चुनाव से पहले महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। वो पार्टी का बड़ा दलित चेहरा है और हरियाणा में 17 फीसदी जनसंख्या दलित है। पार्टी ने अशोक तंवर को हटाकर उन्हें जिम्मेदारी सौंपी है। वो भी दलित है। अशोक तंवर और हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बीच टकराव चल रहा था। ऐसे में पार्टी ने दलित चेहरो को ही पार्टी की कमान देने की रणनीति बनाई है। कुमार शैलेजा ने नई जिम्मेदारी मिलने के बाद कहा कि मेरे कंधो पर बड़ी जिम्मेदारी है और हम सब को मिलकर काम करना होगा। हम पार्टी की विचारधारा के लिए प्रतिबद्ध हैं।

सोनिया की नजदीकी हैं शैलजा
यूपीए सरकार में मंत्री रही कुमारी शैलजा को सोनिया गांधी का काफी करीबी माना जाता है। वो हरियाणा की अंबाला और सिरसा दोनों सीटों से पार्टी की लोकसभा सांसद रही हैं। वह पार्टी के नेता चौधरी दलवीर सिंह की बेटी हैं। दलवीर सिंह भी हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष और केंद्र में कई बार मंत्री रह चुके हैं। शैलजा की गिनती हरियाणा के बडे़ नेताओं में होती है। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने नई जिम्मेदारी मिलने पर कहा कि पार्टी ने एक निर्णय लिया है और मैं उसका सम्मान करता हूं। मैं सोनिया गांधी को मुझे ये जिम्मेदारी सौंपने के लिए धन्यवाद देता हूं।

भूपेंद्र सिह हुड्डा और तंवर में खींचतान
गौरतलब है कि भूपेन्द्र हुड्डा सिंह हुड्डा ने अशोक तंवर के खिलाफ बगावत के सुर ऊंचे कर रखे थे। ऐसे में पार्टी के सामने बड़ी नेतृत्व को लेकर बड़ी समस्या थी। अशोक तंवर भी हुड्डा को जिम्मेदारी नहीं सौंपना चाहते थे। ऐसे में पार्टी ने कुमारी शैलजा को आगे करके दोनों को मैनेज करने की कोशिश की है। वहीं भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी संकेत दिए थे कि वो कांग्रेस नहीं छोड़ना चाहते हैं। पार्टी भी उन्हें लेकर कोई रिस्क नहीं लेना चाहती थी।

लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार
हाल में संपन्न लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा था। पार्टी को 10 लोकसभा सीटों में से एक में भी जीत नहीं मिली। वहीं बीजेपी ने सभी सीटों पर जीत दर्ज की थी। ऐसे में पार्टी के सामने विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन का दवाब है। विधानसभा चुनाव 2014 में बीजेपी ने कांग्रेस को हराकर सत्ता हासिल की थी। लोकसभा चुनाव में क्लीन स्वीप करने के बाद पार्टी का हौसला बुलंद है।
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