'क्या मानव श्रृंखला से लोकतंत्र संरक्षित हो सकता है?' कुमारस्वामी का कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर हमला
जेडीएस नेता और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने स्थानीय निकाय चुनावों में देरी करते हुए बड़ी मानव श्रृंखला आयोजित करने के लिए कर्नाटक में कांग्रेस सरकार की आलोचना की है। उन्होंने सरकार से इन चुनावों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया, जिन्हें उन्होंने 'लोकतंत्र का मूलभूत स्तंभ' बताया।
कर्नाटक सरकार ने पूरे राज्य में 2,500 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनाकर 'अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस' मनाया। इस आयोजन का उद्देश्य समानता, एकता, बंधुत्व और सहभागितापूर्ण शासन का प्रतीक बनाना था।

कुमारस्वामी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में सवाल उठाया, 'मानव कल्याण को बढ़ावा देने की आड़ में आपने (सरकार ने) मानव श्रृंखला बनाई। कर्नाटक में कांग्रेस सरकार लोकतंत्र के प्रति कोई चिंता नहीं दिखाती। अगर उन्हें चिंता होती तो वे पहले स्थानीय निकायों के चुनाव कराते। सत्ता में आने के बाद से उन्होंने लोकतंत्र के बुनियादी स्तंभों - जिला और तालुक पंचायत और बीबीएमपी (बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका) के लिए चुनाव नहीं कराए हैं। क्यों?'
कुमारस्वामी ने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया 20 मई, 2023 से सत्ता में हैं। एक साल चार महीने की इस अवधि के बावजूद स्थानीय निकाय चुनाव नहीं हुए हैं। उन्होंने सरकार पर वास्तविक शासन से ज़्यादा विज्ञापनों पर ध्यान केंद्रित करने का आरोप लगाया।
उन्होंने पूछा, 'क्या इसका मतलब यह है कि आप सत्ता में आ गए हैं और स्थानीय सरकारों की अनदेखी की जाए, जबकि आप विधान सौध के इर्द-गिर्द घूमते रहें?'
कुमारस्वामी ने आगे सवाल किया कि क्या मानव श्रृंखला जैसे प्रतीकात्मक इशारों के ज़रिए लोकतंत्र को संरक्षित किया जा सकता है। उन्होंने ज़रूरी चुनाव कराने के बजाय इन आयोजनों के लिए करदाताओं के पैसे के दुरुपयोग की आलोचना की।
उन्होंने आगे सवाल करते हुए कहा, 'क्या मानव श्रृंखला के ज़रिए लोकतंत्र को बचाया जा सकता है? क्या करदाताओं के पैसे का दुरुपयोग लोकतंत्र के लिए एक सजावट है?' उन्होंने मांग की, 'सबसे पहले, स्थानीय निकाय चुनावों की घोषणा करें। सच्ची लोकतांत्रिक श्रृंखला को मज़बूत करें। #लोकतंत्र बचाएं।'












Click it and Unblock the Notifications