स्मृति ने क्यों कहा.. कुछ तो लोग कहेंगे...लोगों का काम है कहना?
नई दिल्ली। अब तक मोदी कैबिनेट की सबसे यंग मिनिस्टर कही जाने वाली स्मृति ईरानी का अचानक से पोर्ट फोलियो चेंज हो गया है जिसके बाद लगातार ये कहा जा रहा है कि पीएम मोदी स्मृति के कामों से खुश नहीं थे इसलिए उनका डिमोशन करते हुए उनका मंत्रालय बदल दिया गया है।
अब वो मानव संसाधन विकास मंत्रालय की जगह कपड़ा मंत्रालय देखेंगी। हालांकि बुधवार को जब स्मृति ईरानी ने अपना मंत्रालय ग्रहण किया तो वो काफी शांत और संयमित नजर आयीं और अपने चिर-परिचित अंदाज में ही लोगों से रूबरू हुईं।
क्या ये उनका डिमोशन है?
जब मीडिया ने उनसे प्रश्न किया कि क्या ये उनका डिमोशन है जिस पर स्मृति ने कहा कि कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना...।
मालूम हो कि ऐसा कहा जा रहा है कि स्मृति ईरानी ने पिछले दो सालों में मंत्रालय में काम कम और विवादों को जन्म ज्यादा दिया है इसी कारण बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह उनसे नाराज थे, जिसकी वजह से ही स्मृति को उनके मंत्रालय से हटाया गया है।
आरएसएस को तवज्जो नहीं
यही नहीं स्मृति के बारे में ये भी बोला जा रहा है कि वो आरएसएस को तवज्जो नहीं दे रही थीं ये भी बड़ा कारण माना जा रहा है उनके डिमोशन का।













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