5 माह पहले बेटे के लाश के साथ रह रहा था जो परिवार उसने अब महिला के शव के साथ भी किया ऐसा
नई दिल्ली। कोलकाता के बेहाला का वो परिवार जो 5 माह पहले घर के बेटे के शव के साथ रहने को लेकर चर्चा में आया था, उसने एक बार फिर ऐसा ही कुछ किया है। उस समय जिस शख्स के शव के साथ परिवार रह रहा है, इस बार उसकी 82 साल की मां के शव के साथ भी वह ऐसा ही कर रहा था। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार इलाके के सरुस्ना फ्लैट में छाया चटर्जी का शव उनके कमरे में पड़ा था जबकि उनके पति रबिंद्रनाथ और बेटी निलंजना घर में लाश के रहते हुए भी रोज की तरह साधारण जीवन जी रहे थे।

सड़ते शव का बदबू से हुआ खुलासा
ये मामला तब सामने आया जब पड़ोसियों को रबिंद्रनाथ के घर से बहुत अधिक बदबू आने लगी और उन्हें संदेह हुआ। लोगों ने पुलिस को खबर की तो मालूम हुआ कि निलंजना की मां का दो दिन पहले स्वर्गवास हो गया है जबकि उनका शव अभी तक घर के भीतर ही है। फरवरी में भी परिवार ने निलंजना के भाई के बारे में किसी को नहीं बताया था और शव को घर में ही सड़ने छोड़ दिया था। पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि रबिंद्रनाथ और निलंजना ने बदबू को बाहर जाने के रोकने के लिए घर के खिड़की दरवाजे बंद रखे थे और डेढ़ दिन से खाना पीना भी छोड़ दिया था।

इससे पहले 3 दिन तक सड़ाया था देबाशीश का शव
इस घटना के पहले रबिंद्रनाथ के परिवार ने फरवरी में 47 साल के बेटे देबाशीश से शव को भी इसी तरह तीन दिन तक घर में सड़ाया था। उस समय भी पड़ोसियों द्वारा सड़ते शव की बदबू की शिकायत पर पुलिस पहुंची थी और हक्का बक्का रह गई थी। रबिंद्रनाथ का परिवार कभी आसपास वालों या पड़ोसियों से बात तक नहीं करता था। लोगों को लगता था कि परिवार के लोगों की मानसिक हालत कुछ ठीक नहीं है।

परिवार के लिए मुश्किल हो गया था घर चलाना
रबिंद्रनाथ चटर्जी के परिवार में दंगी के चलते घर चलाना मुश्किल हो गया था। जो कुछ भी था वह काम रबिंद्रनाथ के रिटायरमेंट बेनिफिट से चल रहा था। आमतौर पर रबिंद्रनाथ ही घर का सामान लेने बाहर जाते थे लेकिन कुछ समय से वे बीमार थे और बिस्तर पर थे। इसके अलावा खाना तब तक पकता रहा जब तक छाया चटर्जी जिंदा थी क्योंकि वह ही सबका खाना पकाती थीं।

नशे में कर दी मां की हत्या और खुद पहुंचा थाने
घर के भीतर लाश का मामला ये कोई पहला नहीं है। हाल ही में बीते शनिवार सुबह 1.25 बजे एक शख्स दिल्ली के मॉडल टाउन पुलिस स्टेशन पहुंचा और पुलिस का जानकारी दी कि मैंने अपनी मां को मार डाला है। थाने में ऑन ड्यूटी ऑफिसर को लगा कि 25 साल का आरोपी दीपक नशे में है इसलिए कुछ भी बोले जा रहा है। लेकिन तभी दीपक ने उन्हें अपने खून से सने कपड़े दिखाए तो पुलिस हक्का बक्का रह गई। आनन फानन में लगभग 6 पुलिस कर्मियों ने उसे अपने साथ गाड़ी में बैठाया और विजय नगर स्थित उसके किराए के फ्लैट में पहुंचे। वहां उन्होंने जो नजारा देखा वो भयावह था। वह अपनी मां को कुछ घंटे पहले मारकर लाश को घर में ही छोड़ आया था।
यह भी पढ़ें- अमेठी: महिला की धारदार हथियार से हमला कर हत्या, पति फरार












Click it and Unblock the Notifications